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प्रशांत क्षेत्र में चीन की घेराबंदी: प्रधानमंत्री अल्बनीज फिजी के साथ करेंगे ऐतिहासिक सुरक्षा समझौता

ICN24 Newsroom 6 जुल॰ 2026, 05:31 am
प्रशांत क्षेत्र में चीन की घेराबंदी: प्रधानमंत्री अल्बनीज फिजी के साथ करेंगे ऐतिहासिक सुरक्षा समझौता

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज फिजी के साथ एक नई सुरक्षा संधि पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य प्रशांत महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करना है।

ऑस्ट्रेलियाई सरकार प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए एक बड़े कूटनीतिक अभियान की शुरुआत कर रही है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज जल्द ही फिजी के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संधि पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। यह समझौता ऐसे समय में हो रहा है जब ऑस्ट्रेलिया और उसके सहयोगी देश प्रशांत महासागर में चीन की बढ़ती सैन्य और आर्थिक उपस्थिति को लेकर चिंतित हैं। इस संधि को 'वुवाले पार्टनरशिप' (Vuvale Partnership) के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है, जो दोनों देशों के बीच सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और मानवीय सहायता के ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करेगा। कूटनीतिक हलकों में इस कदम को ऑस्ट्रेलिया की 'पैसिफिक स्टेप-अप' नीति का हिस्सा माना जा रहा है। संधि के तहत, ऑस्ट्रेलिया और फिजी रक्षा प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाएंगे। यह समझौता न केवल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह फिजी के बुनियादी ढांचे और जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों में भी ऑस्ट्रेलियाई निवेश की राह प्रशस्त करेगा। विश्लेषकों का मानना है कि चीन द्वारा सोलोमन द्वीप और अन्य छोटे द्वीप देशों के साथ सुरक्षा समझौते करने की कोशिशों के बाद, ऑस्ट्रेलिया अब रक्षात्मक मुद्रा छोड़कर सक्रिय कूटनीति अपना रहा है। इस कूटनीतिक दौरे का एक दिलचस्प पहलू 'सॉफ्ट पावर' या खेल कूटनीति का उपयोग भी है। प्रधानमंत्री अल्बनीज 'स्टेट ऑफ ओरिजिन' (State of Origin) रग्बी मैच का उपयोग प्रशांत देशों के नेताओं के साथ संबंध प्रगाढ़ करने के लिए कर सकते हैं। खेल के प्रति साझा जुनून को एक कूटनीतिक मंच के रूप में इस्तेमाल करना ऑस्ट्रेलिया की पुरानी रणनीति रही है, जिसे अब और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय नेताओं के साथ व्यक्तिगत और अनौपचारिक संबंधों को बढ़ावा मिलता है, जो अक्सर औपचारिक मेजों पर संभव नहीं हो पाता। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह घटनाक्रम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। फिजी में भारतीय मूल के लोगों (इंडो-फिजीयन्स) की एक बड़ी आबादी है, और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के फिजी के साथ गहरे सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध हैं। प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और ऑस्ट्रेलिया-फिजी के मजबूत रिश्ते सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे इंडो-फिजीयन प्रवासियों के लिए सुरक्षा और गर्व का विषय हैं। इसके अलावा, भारत भी 'क्वाड' (Quad) समूह के माध्यम से एक स्वतंत्र और खुला इंडो-पैसिफिक सुनिश्चित करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर काम कर रहा है। अंततः, यह संधि केवल दो देशों का समझौता नहीं है, बल्कि यह बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में ऑस्ट्रेलिया की बदलती भूमिका का संकेत है। जहां एक ओर सैन्य गठबंधन जरूरी हैं, वहीं दूसरी ओर फिजी जैसे देशों की संप्रभुता का सम्मान करते हुए उनके साथ विकास की साझेदारी करना ही चीन के प्रभाव का स्थायी जवाब हो सकता है। आने वाले हफ्तों में इस संधि के प्रावधानों और इसके क्षेत्रीय प्रभाव पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
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