राजनीति
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' का अनूठा विरोध प्रदर्शन: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पेपर लीक पर जवाबदेही की मांग
ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 12:01 am
सोशल मीडिया से उपजी 'कॉकरोच जनता पार्टी' आज दिल्ली में NEET और अन्य पेपर लीक मामलों के विरोध में प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने समर्थकों के लिए अनूठी गाइडलाइन जारी की है।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज एक अनोखा राजनीतिक दृश्य देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में शुरू हुई 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) अपना पहला औपचारिक विरोध प्रदर्शन आयोजित कर रही है। यह प्रदर्शन देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं—NEET-UG, CBSE, CUET और SSC-GD—में कथित धांधली और पेपर लीक की घटनाओं के खिलाफ है। पार्टी का मुख्य एजेंडा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगना और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
इस विरोध प्रदर्शन की सबसे खास बात CJP द्वारा अपने समर्थकों के लिए जारी की गई आठ सूत्रीय गाइडलाइन है। डिजिटल युग की इस नई पार्टी ने अपने प्रदर्शनकारियों से पारंपरिक विरोध के तरीकों से इतर कुछ अलग करने की अपील की है। समर्थकों से कहा गया है कि वे अपने साथ राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा), फूल और किताबें लेकर आएं। इसके अलावा, दिल्ली की भीषण गर्मी को देखते हुए पार्टी ने व्यावहारिक सलाह भी दी है, जिसमें समर्थकों को सनस्क्रीन लगाकर आने, पर्याप्त नाश्ता करके आने और पानी की बोतल साथ रखने का सुझाव दिया गया है।
CJP के संस्थापक अभिजीत ने इस आंदोलन को 'छात्रों की आवाज' करार दिया है। उनका तर्क है कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। पार्टी का मानना है कि केवल जांच के वादे काफी नहीं हैं, बल्कि राजनीतिक जवाबदेही तय होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे और 'फूल और किताब' के जरिए यह संदेश देंगे कि वे शिक्षा और शांति के पक्षधर हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़ी संख्या में एनआरआई (NRI) छात्र और उनके परिवार भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली से जुड़े हुए हैं। विशेष रूप से NEET जैसी परीक्षाओं में होने वाली विसंगतियां उन प्रवासी भारतीयों को भी प्रभावित करती हैं जिनके बच्चे भारत में मेडिकल की पढ़ाई करने की योजना बनाते हैं। भारत में परीक्षा प्रणाली की शुचिता पर उठ रहे ये सवाल वैश्विक स्तर पर भारतीय शैक्षणिक संस्थानों की साख को प्रभावित कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कॉकरोच जनता पार्टी जैसे समूहों का उदय भारतीय राजनीति में एक नए बदलाव का संकेत है, जहां सोशल मीडिया की ताकत का उपयोग अब सीधे जमीन पर जन-आंदोलन खड़ा करने के लिए किया जा रहा है। हालांकि इस पार्टी का नाम मजाकिया लग सकता है, लेकिन उनके उठाए गए मुद्दे अत्यंत गंभीर हैं, जो सीधे तौर पर भारत के मध्यम वर्ग और छात्र समुदाय की चिंताओं को दर्शाते हैं।
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