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खार्किव में रूसी ड्रोन हमला: मलबे से सुरक्षित निकाला गया मासूम, युद्ध की विभीषिका ने फिर दहलाया दुनिया को
ICN24 Newsroom 10 अग॰ 2026, 02:39 pm
यूक्रेन के खार्किव में रूसी ड्रोन हमले के बाद एक आवासीय इमारत को निशाना बनाया गया, जहां बचाव कर्मियों ने मलबे से एक मासूम बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला।
यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खार्किव में रविवार को हुए एक भीषण रूसी ड्रोन हमले ने युद्ध की विभीषिका को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है। इस हमले में एक बहुमंजिला आवासीय इमारत को निशाना बनाया गया, जिससे चारों ओर तबाही का मंजर दिखाई दिया। सोशल मीडिया और समाचार एजेंसियों द्वारा साझा की गई तस्वीरों में एक बचाव कर्मी को मलबे और धुएं के बीच से एक नन्हे मासूम बच्चे को सुरक्षित बाहर ले जाते हुए देखा गया। यह तस्वीर न केवल युद्ध की क्रूरता को दर्शाती है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर रही है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब नागरिक अपने घरों में विश्राम कर रहे थे। रूसी सेना ने 'कामिकेज़' ड्रोन का इस्तेमाल कर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया, जिससे पूरी इमारत के एक हिस्से को गंभीर नुकसान पहुंचा है। बचाव अभियान अभी भी जारी है और आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे और भी लोग दबे हो सकते हैं। खार्किव के गवर्नर ने बताया कि इस हमले का उद्देश्य नागरिकों के बीच भय पैदा करना है, क्योंकि यह इलाका सैन्य बुनियादी ढांचे से काफी दूर है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर चिंता का विषय है। गौरतलब है कि यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के समय हजारों भारतीय छात्र, विशेषकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे युवा, खार्किव और अन्य शहरों में फंसे हुए थे। 'ऑपरेशन गंगा' के माध्यम से भारत सरकार ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला था, लेकिन उस समय की यादें आज भी कई परिवारों के जेहन में ताजा हैं। मेलबर्न और सिडनी जैसे ऑस्ट्रेलियाई शहरों में रह रहे भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रवासियों ने इस हमले की निंदा की है और शांति की अपील की है।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने भी यूक्रेन के खिलाफ रूस की इस आक्रामकता की बार-बार आलोचना की है और मानवीय सहायता भेजने की प्रतिबद्धता दोहराई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात को लेकर चिंतित है कि रिहायशी इलाकों पर बढ़ते हमलों से शरणार्थी संकट और गहरा सकता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि रूस जानबूझकर बुनियादी नागरिक सेवाओं और आवासीय क्षेत्रों को निशाना बना रहा है ताकि सर्दियों के मौसम से पहले देश में अस्थिरता पैदा की जा सके।
ICN24 के माध्यम से हम दुनिया भर में शांति और सुरक्षा की कामना करते हैं। खार्किव की यह घटना हमें याद दिलाती है कि युद्ध की सबसे बड़ी कीमत निर्दोष नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों को चुकानी पड़ती है। भारत ने हमेशा से ही बातचीत और कूटनीति के माध्यम से विवादों के समाधान पर जोर दिया है, और इस चुनौतीपूर्ण समय में वैश्विक समुदाय एक बार फिर इसी मार्ग की ओर देख रहा है।
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