राजनीति
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने कर्नाटक के सीएम की तीखी आलोचना की; मुठभेड़ मामले में गरमाई दक्षिण भारत की राजनीति
ICN24 Newsroom 17 अग॰ 2026, 06:37 am

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने कर्नाटक में हुई एक हालिया मुठभेड़ को लेकर डीके शिवकुमार सरकार पर निशाना साधा है, जिससे दो पड़ोसी राज्यों के बीच भाषाई और क्षेत्रीय राजनीति गरमा गई है।
चेन्नई और बेंगलुरु के बीच राजनीतिक पारा एक बार फिर चढ़ गया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने कर्नाटक में हुई एक हालिया मुठभेड़ की घटना को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की कड़ी आलोचना की है। मुख्यमंत्री विजय ने इस घटना को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए इसे तमिल समुदाय के खिलाफ एक सोची-समझी कार्रवाई करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य की सीमा के भीतर रहने वाले तमिल भाषी लोगों की सुरक्षा और उनके सम्मान के साथ समझौता नहीं किया जा सकता।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विजय ने एक कड़ा बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कर्नाटक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर निर्दोषों या किसी विशेष भाषाई समूह को लक्षित करना लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने मांग की है कि इस मुठभेड़ की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।
कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच ऐतिहासिक रूप से कावेरी जल विवाद से लेकर भाषाई पहचान तक कई मुद्दों पर मतभेद रहे हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध मजबूत हुए थे, लेकिन इस ताज़ा घटना ने पुराने घावों को फिर से हरा कर दिया है। मुख्यमंत्री विजय का यह सख्त रुख न केवल राज्य की घरेलू राजनीति के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पड़ोसी राज्यों को एक कड़ा संदेश भी है कि वे तमिल हितों की अनदेखी नहीं कर सकते।
इस राजनीतिक तकरार का असर सात समंदर पार ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय पर भी देखने को मिल रहा है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले दक्षिण भारतीय प्रवासियों के लिए उनके गृह राज्यों की स्थिरता और सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया में सक्रिय तमिल और कन्नड़ संगठनों ने शांति की अपील की है, लेकिन सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई है। प्रवासी भारतीयों का मानना है कि इस तरह के टकराव न केवल भारत की आंतरिक एकता को प्रभावित करते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि पर भी असर डालते हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री विजय का यह बयान उनकी छवि को एक 'तमिल रक्षक' के रूप में और मजबूत करेगा। दूसरी ओर, कर्नाटक सरकार ने इन आरोपों को निराधार बताया है। शिवकुमार प्रशासन का कहना है कि यह एक शुद्ध रूप से कानून-व्यवस्था का मामला था और इसे भाषाई रंग देना अनुचित है। फिलहाल, दोनों राज्यों की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है और केंद्र सरकार से भी इस मामले में हस्तक्षेप की उम्मीद की जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह विवाद बातचीत के जरिए सुलझता है या दक्षिण की राजनीति में एक नया मोर्चा खोलता है।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
झारखंड के छात्रों ने पेश की विरोध की नई मिसाल; JPSC और JSSC भर्ती घोटाले के खिलाफ अनुशासित आंदोलन
रांची में छात्रों का आंदोलन सरकारी भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सशक्त और अनुशासित उदाहरण बनकर उभरा है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है।
17 अग॰ 2026, 07:37 am
राजनीति
वंदे मातरम् के अपमान का आरोप: नवगछिया में भाजपा और भाजयुमो का कैंडल मार्च, कांग्रेस से माफी की मांग
नवगछिया में भाजपा और भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने 'वंदे मातरम्' के कथित अपमान के खिलाफ कैंडल मार्च निकाला और कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग की।
17 अग॰ 2026, 05:37 am
राजनीति
इस्राइली मंत्री इतामार बेन-ग्विर के विवादित बयान से अंतरराष्ट्रीय आक्रोश: गाज़ा में प्रतिदिन '30-40 हत्याओं' की वकालत
इस्राइली राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने एक पूर्व बंधक से बातचीत के दौरान गाज़ा में हर रात 30-40 लोगों को मारने का सुझाव दिया है, जिसकी वैश्विक स्तर पर निंदा हो रही है।
17 अग॰ 2026, 04:37 am

