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छत्तीसगढ़: सेवा सेतु केंद्र बना सुशासन की नई पहचान, राजस्व सेवाओं में आई अभूतपूर्व तेजी और पारदर्शिता

ICN24 Newsroom 18 जुल॰ 2026, 05:34 am
छत्तीसगढ़: सेवा सेतु केंद्र बना सुशासन की नई पहचान, राजस्व सेवाओं में आई अभूतपूर्व तेजी और पारदर्शिता

छत्तीसगढ़ सरकार की 'सेवा सेतु' पहल ने राजस्व सेवाओं को सुगम बनाकर सुशासन की नई मिसाल पेश की है, जिससे लाखों नागरिकों को त्वरित लाभ मिल रहा है।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए शुरू किए गए 'सेवा सेतु' केंद्र वर्तमान में प्रदेश के नागरिकों के लिए एक भरोसेमंद सरकारी तंत्र के रूप में उभरे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से सरकार ने न केवल नौकरशाही की जटिलताओं को कम किया है, बल्कि राजस्व सेवाओं को सीधे जनता के दरवाजे तक पहुँचाने में सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को समय सीमा के भीतर विभिन्न प्रमाण पत्र और भूमि संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराना है। राजस्व विभाग से जुड़ी सेवाओं के लिए पहले नागरिकों को तहसील और जिला कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। सेवा सेतु केंद्रों की स्थापना के बाद आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, खसरा-खतौनी की नकल और अन्य भूमि संबंधी कार्यों के लिए आवेदकों को अब एक ही छत के नीचे डिजिटल समाधान मिल रहे हैं। यह प्रणाली न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा रही है, बल्कि फाइलों के निपटारे में लगने वाले समय को भी काफी कम कर दिया है। विशेष रूप से, ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए, जिनके परिवार या जमीन-जायदाद छत्तीसगढ़ में हैं, यह डिजिटल बदलाव एक बड़ी राहत है। अक्सर प्रवासी भारतीयों (NRIs) को भारत में अपनी पैतृक संपत्ति के दस्तावेजों या विरासत संबंधी कार्यों के लिए बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब, 'सेवा सेतु' जैसे पोर्टल और केंद्रों के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ने से, वे दूर बैठकर भी अपने आवेदनों की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं और आधिकारिक प्रक्रियाओं में होने वाली देरी को समझ सकते हैं। प्रशासनिक रिपोर्टों के अनुसार, सेवा सेतु के माध्यम से अब तक लाखों आवेदनों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है। सरकार ने इन केंद्रों को आधुनिक तकनीक से लैस किया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी आसानी से इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें। यह मॉडल न केवल छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधार का प्रतीक बन गया है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक बेंचमार्क स्थापित कर रहा है। भविष्य में, सरकार इन केंद्रों के दायरे को बढ़ाने की योजना बना रही है, जिसमें अधिक सामाजिक कल्याण योजनाओं और नागरिक केंद्रित सेवाओं को जोड़ा जाएगा। सुशासन का यह मंत्र 'अंतिम व्यक्ति तक सेवा' पहुँचाने के संकल्प को साकार कर रहा है, जिससे आम जनता और सरकार के बीच का विश्वास और भी मजबूत हुआ है।
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