लाइव
ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग

छत्तीसगढ़ का बड़ा सम्मान: पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई के नाम पर होगा गनियारी का शासकीय स्कूल

ICN24 Newsroom 6 जुल॰ 2026, 10:31 pm
छत्तीसगढ़ का बड़ा सम्मान: पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई के नाम पर होगा गनियारी का शासकीय स्कूल

छत्तीसगढ़ सरकार ने विश्वप्रसिद्ध पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के सम्मान में उनके पैतृक गाँव गनियारी के सरकारी स्कूल का नाम उनके नाम पर रखने का निर्णय लिया है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ की पावन धरा ने विश्व को अनेक विभूतियाँ दी हैं, लेकिन लोक कला के क्षेत्र में डॉ. तीजन बाई का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। राज्य सरकार ने अब इस महान कलाकार को एक विशेष सम्मान देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने निर्णय लिया है कि डॉ. तीजन बाई के गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नाम अब 'पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय' होगा। यह घोषणा न केवल एक कलाकार का सम्मान है, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पंडवानी गायन परंपरा को दी गई एक बड़ी श्रद्धांजलि है। डॉ. तीजन बाई ने अपनी कला के माध्यम से न केवल भारत में बल्कि सात समंदर पार भी छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। गनियारी जैसे छोटे से गाँव से निकलकर पेरिस और लंदन के मंचों तक पहुँचने वाली उनकी यात्रा संघर्ष और जीवटता की एक अद्भुत मिसाल है। पंडवानी की 'कापालिक' शैली की विशेषज्ञ डॉ. तीजन बाई पहली ऐसी महिला कलाकार थीं, जिन्होंने पारंपरिक रूप से पुरुषों द्वारा गाई जाने वाली इस विधा को अपनाया और उसे एक नई पहचान दी। महाभारत की कथाओं को अपनी ओजपूर्ण आवाज़ और हाथ में तंबूरा लेकर मंच पर जीवंत करने की उनकी कला आज भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री, पद्म भूषण और फिर देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा जा चुका है। राज्य सरकार के इस फैसले का व्यापक स्वागत हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्कूल का नाम डॉ. तीजन बाई के नाम पर होने से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी। छात्र यह जान सकेंगे कि यदि प्रतिभा और संकल्प हो, तो संसाधनों की कमी कभी भी सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बनती। छत्तीसगढ़ी संस्कृति के जानकारों का मानना है कि ऐसे सम्मानों से लोक कलाकारों का मनोबल बढ़ता है और विलुप्त हो रही कलाओं के प्रति युवाओं में रुचि जागती है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर गर्व का विषय है। प्रवासी भारतीय अक्सर अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए लोक कलाओं का सहारा लेते हैं। तीजन बाई जैसी शख्सियतें विदेशी धरती पर भारतीय संस्कृति की ब्रांड एंबेसडर मानी जाती हैं। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पंडवानी और छत्तीसगढ़ी लोक गीतों की गूँज आज भी सुनी जा सकती है, जहाँ डॉ. तीजन बाई को एक आदर्श के रूप में देखा जाता है। यह निर्णय स्पष्ट करता है कि सरकार अपनी मिट्टी के नायकों को उनकी जीवितावस्था में ही उचित सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में ₹3.41 करोड़ की हाईटेक 'ग्रीन पार्किंग' शुरू, वकीलों और आम जनता को बड़ी राहत
ब्रेकिंगब्रेकिंग

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में ₹3.41 करोड़ की हाईटेक 'ग्रीन पार्किंग' शुरू, वकीलों और आम जनता को बड़ी राहत

चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट के पास ₹3.41 करोड़ की लागत से बनी आधुनिक ग्रीन पार्किंग का उद्घाटन किया है, जिससे वकीलों और वादकारियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

6 जुल॰ 2026, 11:31 pm
रेडिसन ने लॉन्च किया एआई-आधारित प्राइस-मैचिंग टूल: अब बुकिंग के दौरान सीधे मिलेगा सबसे कम दाम
ब्रेकिंगब्रेकिंग

रेडिसन ने लॉन्च किया एआई-आधारित प्राइस-मैचिंग टूल: अब बुकिंग के दौरान सीधे मिलेगा सबसे कम दाम

रेडिसन होटल ग्रुप ने एक नया एआई टूल पेश किया है जो बुकिंग के दौरान अन्य वेबसाइटों की तुलना में सबसे कम कीमत की गारंटी देता है।

6 जुल॰ 2026, 09:31 pm
फेयरमोंट मुंबई ने शमोयल ओज़ैर को 'एसोसिएट डायरेक्टर ऑफ रूम्स सस्टेनेबिलिटी' के पद पर पदोन्नत किया
ब्रेकिंगब्रेकिंग

फेयरमोंट मुंबई ने शमोयल ओज़ैर को 'एसोसिएट डायरेक्टर ऑफ रूम्स सस्टेनेबिलिटी' के पद पर पदोन्नत किया

हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के दिग्गज शमोयल ओज़ैर अब फेयरमोंट मुंबई और रोजविन ए मॉर्गन ओरिजिनल्स होटल में स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) प्रयासों का नेतृत्व करेंगे।

6 जुल॰ 2026, 08:31 pm