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क्या अब अमेरिका में नागरिकता छिन सकती है? डोनाल्ड ट्रंप की 'डीनैचुरलाइजेशन' योजना का सच
ICN24 Newsroom 9 जून 2026, 09:30 am

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नई आव्रजन नीतियों के तहत प्राकृतिक रूप से प्राप्त अमेरिकी नागरिकता को रद्द करने की चर्चा तेज हो गई है, जिससे भारतीय-अमेरिकी समुदाय चिंतित है।
वॉशिंगटन और सिडनी: संयुक्त राज्य अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के साथ ही आव्रजन नियमों को लेकर हलचल तेज हो गई है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगामी कार्यकाल में 'डीनैचुरलाइजेशन' (Denaturalization) यानी प्राकृतिक रूप से प्राप्त नागरिकता को रद्द करने की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिए जाने की संभावना है। इस कदम ने न केवल अमेरिका में रह रहे लाखों प्रवासियों, बल्कि ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया भर में फैले भारतीय मूल के समुदायों के बीच भी चिंता पैदा कर दी है।
अमेरिकी कानून के तहत, 'डीनैचुरलाइजेशन' एक ऐसी कानूनी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से सरकार किसी विदेशी मूल के व्यक्ति को दी गई नागरिकता को वापस ले सकती है। हालांकि ऐतिहासिक रूप से यह प्रक्रिया बेहद दुर्लभ रही है और केवल युद्ध अपराधियों या आतंकवादियों के खिलाफ इस्तेमाल की जाती थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन के पिछले कार्यकाल और उनके हालिया चुनावी वादों से संकेत मिलता है कि अब इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, नागरिकता रद्द करने के मुख्य आधार 'अवैध रूप से नागरिकता प्राप्त करना' या 'तथ्यों को छिपाना' (Misrepresentation) हैं। यदि कोई व्यक्ति नागरिकता आवेदन के दौरान अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि, पिछले संगठनों से जुड़ाव या देश में प्रवेश के वास्तविक तरीके के बारे में झूठ बोलता है, तो भविष्य में उसकी नागरिकता पर खतरा मंडरा सकता है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई परिवारों के रिश्तेदार अमेरिका में बसे हैं और वहां की नागरिकता की सुरक्षा अब एक वैश्विक चर्चा का विषय बन गई है।
आलोचकों का तर्क है कि इस नीति का उद्देश्य प्रवासियों के मन में असुरक्षा का भाव पैदा करना है। वहीं, ट्रंप समर्थकों का कहना है कि यह कानून के शासन को बनाए रखने और उन लोगों को दंडित करने के लिए आवश्यक है जिन्होंने प्रणाली के साथ धोखाधड़ी की है। नागरिक अधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि छोटी तकनीकी गलतियों को भी 'धोखाधड़ी' मानकर जांच के दायरे में लाया जा सकता है, जिससे दशकों से वहां रह रहे नागरिक प्रभावित होंगे।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रवासियों के लिए, यह घटनाक्रम दोहरे नागरिकता कानूनों और विदेशी निवास के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। जहां ऑस्ट्रेलिया में नागरिकता रद्द करने के नियम स्पष्ट और संकीर्ण हैं, वहीं अमेरिका में बदलता राजनीतिक परिदृश्य आव्रजन की दुनिया में एक नई अनिश्चितता पैदा कर रहा है। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि प्रशासन इस नीति को किस स्तर पर लागू करता है, लेकिन फिलहाल 'डीनैचुरलाइजेशन' का डर प्रवासियों के बीच एक गंभीर विमर्श का मुद्दा बन गया है।
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