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पर्यटन को पंख लगाने की तैयारी: ‘चलो हिमाचल’ अभियान का पोस्टर जारी, एडवेंचर स्पोर्ट्स पर रहेगा ज़ोर
ICN24 Newsroom 4 जुल॰ 2026, 11:31 pm

हिमाचल प्रदेश में पर्यटन और जल क्रीड़ाओं को बढ़ावा देने के लिए ‘चलो हिमाचल’ अभियान की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य राज्य को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करना है।
हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को दुनिया भर में पहुंचाने के उद्देश्य से एक नई पहल की शुरुआत की गई है। हाल ही में आयोजित एक गरिमामय समारोह में ‘चलो हिमाचल’ (Chalo Himachal) अभियान का आधिकारिक पोस्टर जारी किया गया। यह पोस्टर हिमाचल के राज्यपाल द्वारा लोक भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जारी किया गया, जहां गोविंद सागर एडवेंचर एंड वॉटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सदस्यों ने उनसे शिष्टाचार भेंट की।
इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य राज्य के पर्यटन क्षेत्र को एक नई ऊर्जा प्रदान करना है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जो अब तक मुख्यधारा के पर्यटन मानचित्र से दूर रहे हैं। ‘चलो हिमाचल’ पहल के माध्यम से सरकार और स्थानीय संगठन मिलकर न केवल प्राकृतिक स्थलों का प्रचार करेंगे, बल्कि साहसिक खेलों और जल क्रीड़ाओं (Water Sports) को भी बढ़ावा देंगे। गोविंद सागर झील जैसे जल निकायों को एडवेंचर हब के रूप में विकसित करना इस योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
हिमाचल प्रदेश हमेशा से ही अपनी वादियों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन ‘चलो हिमाचल’ अभियान के जरिए इसे एक ‘एक्टिव टूरिज्म’ गंतव्य के रूप में पेश किया जा रहा है। पोस्टर विमोचन के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि राज्य में पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग और ट्रेकिंग के साथ-साथ अब जल क्रीड़ाओं को भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इससे न केवल घरेलू पर्यटक बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीय, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में बसे प्रवासी भी अपनी जड़ों और प्रकृति की ओर आकर्षित होंगे।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई अक्सर छुट्टियों के लिए ऐसे गंतव्यों की तलाश में रहते हैं जो प्रकृति और रोमांच का अनूठा संगम हों। ‘चलो हिमाचल’ अभियान प्रवासी भारतीयों (NRIs) को आमंत्रित करता है कि वे अपने देश वापस आएं और हिमाचल की बदलती तस्वीर का अनुभव करें। बुनियादी ढांचे में सुधार और सुरक्षा मानकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह अभियान पर्यटकों को एक सुरक्षित और यादगार अनुभव प्रदान करने का वादा करता है।
आने वाले महीनों में, गोविंद सागर एडवेंचर एंड वॉटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रतियोगिताओं और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पर्यटन का यह मॉडल सफल रहता है, तो यह राज्य की अर्थव्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगा। ‘चलो हिमाचल’ केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह देवभूमि की संस्कृति, आतिथ्य और साहस को विश्व पटल पर लाने का एक ठोस प्रयास है।
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