राजनीति
बिहार में सहकारिता आंदोलन को मिलेगी नई धार: मंत्री राम कृपाल यादव ने अमित शाह से की मुलाकात
ICN24 Newsroom 14 अग॰ 2026, 12:37 am

बिहार के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह से भेंट कर राज्य में सहकारिता क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण और किसानों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की।
बिहार में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने के उद्देश्य से राज्य के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने आज नई दिल्ली स्थित संसद भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान बिहार में सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने, किसानों की आय में वृद्धि करने और सहकारी समितियों के आधुनिकीकरण जैसे प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुलाकात के बाद राम कृपाल यादव ने बताया कि बिहार सरकार केंद्र के 'सहकार से समृद्धि' के विजन को राज्य के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अमित शाह को बिहार में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कंप्यूटरीकरण और उनके बहुआयामी विकास के लिए उठाए जा रहे कदमों से अवगत कराया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि यदि बिहार के ग्रामीण इलाकों में सहकारी ढांचे को मजबूत किया जाता है, तो इससे न केवल स्थानीय रोजगार बढ़ेगा, बल्कि प्रवासन की समस्या में भी कमी आएगी।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बिहार में सहकारिता के क्षेत्र में हो रहे सुधारों की सराहना की और राज्य को हर संभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया। चर्चा के दौरान पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में विकसित करने और उन्हें उर्वरक वितरण से लेकर अनाज खरीद तक की प्रक्रियाओं में और अधिक स्वायत्तता देने पर भी विमर्श हुआ। जानकारों का मानना है कि केंद्र और राज्य के बीच यह समन्वय बिहार के लाखों किसानों के लिए वरदान साबित हो सकता है, जो अपनी उपज के उचित मूल्य और ऋण सुविधाओं के लिए सहकारी समितियों पर निर्भर हैं।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय, विशेषकर बिहार से संबंध रखने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर अत्यंत महत्वपूर्ण है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में सक्रिय बिहारी प्रवासी अक्सर अपने गृह राज्य के ग्रामीण विकास और कृषि सुधारों में गहरी रुचि रखते हैं। बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार का सीधा असर उन परिवारों पर पड़ता है जिनके सदस्य विदेशों में कार्यरत हैं। सहकारिता आंदोलन की मजबूती से राज्य में निवेश के नए अवसर पैदा हो सकते हैं, जिससे भविष्य में रिवर्स-माइग्रेशन और कृषि-आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिल सकता है।
आने वाले महीनों में, बिहार सरकार सहकारिता विभाग के माध्यम से नई योजनाओं को लागू करने की तैयारी में है। इसमें भंडारण सुविधाओं का विस्तार और महिला सहकारी समितियों को विशेष प्रोत्साहन देना शामिल है। राम कृपाल यादव और अमित शाह की यह मुलाकात राज्य की राजनीति और आर्थिक नीतियों के लिहाज से एक बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है।
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