राजनीति
प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी को लेकर भूमि पेडनेकर की आलोचना: सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
ICN24 Newsroom 4 अग॰ 2026, 09:37 am

बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर को प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ प्रदर्शनों पर की गई टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ रहा है।
बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर इन दिनों एक बड़े विवाद के केंद्र में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके खिलाफ होने वाले विरोध प्रदर्शनों को लेकर दी गई उनकी हालिया टिप्पणियों ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। अपनी फिल्मों के माध्यम से अक्सर सामाजिक और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को उठाने वाली अभिनेत्री को अब इंटरनेट पर तीखी आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। यह घटनाक्रम एक बार फिर भारतीय फिल्म उद्योग और राजनीति के बीच के जटिल संबंधों को उजागर करता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब भूमि पेडनेकर ने एक बातचीत के दौरान लोकतांत्रिक विरोध और राजनीतिक नेतृत्व के प्रति अपने विचार साझा किए। हालांकि उनके शब्दों का उद्देश्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चर्चा करना था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के समर्थकों ने इसे सरकार की छवि खराब करने के प्रयास के रूप में देखा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर #BhumiPednekar ट्रेंड करने लगा, जहां यूजर्स दो गुटों में बंटे नजर आए। एक तरफ जहां कई लोग उनके साहस की सराहना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में लोग उन पर 'चुनिंदा सक्रियता' (selective activism) का आरोप लगा रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में बसे प्रवासी भारतीय न केवल बॉलीवुड फिल्मों के बड़े प्रशंसक हैं, बल्कि वे भारत की घरेलू राजनीति पर भी गहरी नजर रखते हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय अक्सर उन विषयों पर विभाजित नजर आता है जो भारत के सामाजिक और राजनीतिक ढांचे को प्रभावित करते हैं। भूमि पेडनेकर जैसी लोकप्रिय अभिनेत्री का राजनीतिक विवाद में फंसना यहां के स्थानीय चर्चा समूहों और व्हाट्सएप ग्रुप्स में भी चर्चा का विषय बन गया है।
यह पहली बार नहीं है जब किसी बॉलीवुड हस्ती को उनके राजनीतिक विचारों के लिए निशाना बनाया गया है। इससे पहले दीपिका पादुकोण, नसीरुद्दीन शाह और आमिर खान जैसे दिग्गज कलाकारों को भी इसी तरह की स्थितियों का सामना करना पड़ा है। आलोचकों का तर्क है कि अभिनेताओं को केवल अपने काम पर ध्यान देना चाहिए और राजनीतिक मुद्दों से बचना चाहिए। दूसरी ओर, समर्थकों का मानना है कि एक नागरिक के रूप में उनके पास भी अपनी बात रखने का उतना ही अधिकार है जितना किसी अन्य व्यक्ति के पास।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में हस्तियों के लिए 'न्यूट्रल' या तटस्थ रहना कठिन होता जा रहा है। भूमि पेडनेकर, जिन्होंने 'दम लगा के हईशा' और 'टॉयलेट: एक प्रेम कथा' जैसी फिल्मों के जरिए अपनी एक अलग पहचान बनाई है, के ब्रांड वैल्यू पर इस विवाद का क्या असर पड़ेगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल, अभिनेत्री ने इस बढ़ते विवाद और ट्रोलिंग पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। भारत की बदलती राजनीतिक संस्कृति में, जहां राष्ट्रवाद और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच अक्सर टकराव होता है, हस्तियों की हर छोटी टिप्पणी भी एक बड़े राष्ट्रीय विवाद का रूप ले लेती है।
संबंधित ख़बरें
राजनीति
भारत में जनगणना का दूसरा चरण 17 अगस्त से शुरू; जाति और माता-पिता के जन्म की जानकारी होगी दर्ज
भारत सरकार ने राष्ट्रीय जनगणना के दूसरे चरण की तारीखों की घोषणा कर दी है। 17 अगस्त से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया में पहली बार जातिगत विवरण और माता-पिता के जन्म स्थान की जानकारी भी जुटाई जाएगी।
4 अग॰ 2026, 10:37 am

राजनीति
पंचकूला: गांधी लाइब्रेरी को सरकारी नियंत्रण में लेने और आधुनिक बनाने की उठी मांग
पंचकूला के निवासियों ने गांधी लाइब्रेरी की स्थिति में सुधार के लिए इसे राज्य सरकार के अधीन लाने और आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से लैस करने की मांग की है।
4 अग॰ 2026, 08:37 am

राजनीति
बिहार में बड़ा उलटफेर: भाजपा का अभेद्य किला 'बांकीपुर' ढहा, प्रशांत किशोर की जन सुराज ने रचा इतिहास
बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आया है जहाँ 1995 से भाजपा का गढ़ रही बांकीपुर विधानसभा सीट पर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने जीत दर्ज की है।
4 अग॰ 2026, 07:37 am
