लाइव
विज्ञापन
Demo Interstitial - Migration Consultancy
राजनीति
राजनीति

बिहार विधान परिषद चुनाव: नामांकन से पहले भलुनी भवानी मंदिर पहुंचे पवन सिंह, भजन गाकर लिया जीत का आशीर्वाद

ICN24 Newsroom 8 जून 2026, 09:00 pm
बिहार विधान परिषद चुनाव: नामांकन से पहले भलुनी भवानी मंदिर पहुंचे पवन सिंह, भजन गाकर लिया जीत का आशीर्वाद

भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह ने बिहार एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन से पूर्व सासाराम के प्रसिद्ध भलुनी भवानी मंदिर में पूजा-अर्चना की और माता का भजन भी गाया।

भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार और राजनेता पवन सिंह ने बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के आगामी रण के लिए अपनी सक्रियता तेज कर दी है। नामांकन पत्र दाखिल करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करने से पहले, पवन सिंह शुक्रवार को रोहतास जिले के सासाराम स्थित प्रसिद्ध भलुनी भवानी मंदिर पहुंचे। यहाँ उन्होंने न केवल विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, बल्कि अपनी गायकी के अंदाज़ में माता का भजन गाकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं और समर्थकों का मन मोह लिया। पवन सिंह का मंदिर दौरा उनके राजनीतिक सफर में धार्मिक आस्था और जनसंपर्क के मेल के रूप में देखा जा रहा है। मंदिर परिसर में भारी भीड़ के बीच पवन सिंह ने देवी मां के चरणों में माथा टेका और जीत का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे हमेशा से जनता की सेवा करना चाहते हैं और माता के आशीर्वाद के साथ ही अपने नए सफर की शुरुआत कर रहे हैं। उनके समर्थकों ने 'जय माता दी' और 'पवन सिंह जिंदाबाद' के नारों से पूरे परिसर को गुंजायमान कर दिया। उल्लेखनीय है कि पवन सिंह की लोकप्रियता केवल बिहार या उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में रह रहे भारतीय प्रवासियों के बीच भी उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन में रहने वाले भोजपुरी भाषी समुदाय अक्सर पवन सिंह के गीतों और उनकी राजनीतिक गतिविधियों पर गहरी नजर रखते हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले बिहार के प्रवासियों के लिए यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्षेत्र की भावी राजनीति की दिशा तय करेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पवन सिंह का निर्दलीय या किसी दल विशेष के समर्थन से मैदान में उतरना बिहार के चुनावी समीकरणों को बदल सकता है। काराकाट लोकसभा चुनाव में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने के बाद अब वे उच्च सदन (एमएलसी) के जरिए विधायी राजनीति में प्रवेश करना चाहते हैं। उनके मंदिर दौरे और सार्वजनिक उपस्थिति को उनके चुनावी अभियान के औपचारिक आगाज के तौर पर देखा जा रहा है। भलुनी भवानी मंदिर में पूजा के दौरान पवन सिंह भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि कला और राजनीति दोनों ही जनता से जुड़े रहने के माध्यम हैं। नामांकन से पूर्व उनकी यह धार्मिक यात्रा उनके समर्थकों में नया उत्साह भरने का काम कर रही है। अब सभी की निगाहें उनके अगले राजनीतिक कदम और नामांकन के बाद होने वाले शक्ति प्रदर्शन पर टिकी हैं।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

RSS दफ्तरों पर हमले की बड़ी साजिश का खुलासा: दुबई से मिले थे निर्देश, रांची के बाद लखनऊ था अगला निशाना
राजनीति

RSS दफ्तरों पर हमले की बड़ी साजिश का खुलासा: दुबई से मिले थे निर्देश, रांची के बाद लखनऊ था अगला निशाना

रांची में आरएसएस कार्यालय पर हुए हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, इस हमले के तार दुबई से जुड़े हैं और अगला निशाना लखनऊ था।

20 जून 2026, 05:56 pm
अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध विराम: हज़ारों की मौत, लेकिन क्या आधिकारिक आंकड़े सच हैं?
राजनीति

अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध विराम: हज़ारों की मौत, लेकिन क्या आधिकारिक आंकड़े सच हैं?

ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझौता हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों में हजारों मौतों का दावा है, लेकिन इनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

20 जून 2026, 05:10 pm
एमबीए या प्लंबर: मुख्य आर्थिक सलाहकार के बयान ने छेड़ी नई बहस, क्या बदल रहा है रोजगार का नजरिया?
राजनीति

एमबीए या प्लंबर: मुख्य आर्थिक सलाहकार के बयान ने छेड़ी नई बहस, क्या बदल रहा है रोजगार का नजरिया?

क्या एक प्लंबर एक एमबीए डिग्री धारक से बेहतर कमा सकता है? भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार के बयान ने शिक्षा और हुनर के बीच संतुलन पर एक नई चर्चा शुरू कर दी है।

20 जून 2026, 04:55 pm
Original text
Rate this translation
Your feedback will be used to help improve Google Translate