राजनीति
पहचान की राजनीति से आगे बढ़कर वास्तविक मुद्दों पर केंद्रित हो रही है युवा पीढ़ी: जानिए क्या चाहती है 'जेन-जी'
ICN24 Newsroom 12 जुल॰ 2026, 02:31 pm

ऑस्ट्रेलियाई राजनीति में सक्रिय भारतीय मूल की नई पीढ़ी अब पहचान की राजनीति के बजाय रोजगार, किफायती आवास और पारदर्शी शासन जैसे ठोस मुद्दों पर जोर दे रही है।
ऑस्ट्रेलिया और विश्व भर में राजनीतिक परिदृश्य एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। परंपरागत रूप से, राजनीतिक दल अक्सर सांस्कृतिक पहचान, धर्म या जातीयता के आधार पर मतदाताओं को लुभाने का प्रयास करते रहे हैं। हालांकि, 'जेन-जी' (Gen Z) के रूप में जानी जाने वाली नई पीढ़ी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अब केवल पहचान की राजनीति (Identity Politics) के आधार पर अपना वोट नहीं देंगे। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के युवाओं के लिए भी अब प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल चुकी हैं।
हालिया शोध और चुनावी रुझानों से पता चलता है कि 18 से 27 वर्ष की आयु के मतदाता अब उन नेताओं की तलाश कर रहे हैं जो उनके दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाले वास्तविक संकटों का समाधान कर सकें। मेलबर्न और सिडनी जैसे बड़े शहरों के उपनगरों में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई युवाओं के लिए 'कोस्ट ऑफ लिविंग' यानी जीवनयापन की बढ़ती लागत सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरी है। आसमान छूते घर के किराए और बंधक (Mortgage) दरों ने युवाओं के लिए घर खरीदने के सपने को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। ऐसे में, वे नेताओं से केवल खोखले वादे नहीं, बल्कि किफायती आवास के लिए ठोस नीतियां चाहते हैं।
इसके अलावा, बुनियादी ढांचा (Infrastructure) और सार्वजनिक परिवहन एक अन्य प्रमुख चिंता का विषय है। पश्चिमी सिडनी या मेलबर्न के बाहरी इलाकों में बसने वाले भारतीय समुदाय के युवा अक्सर काम पर जाने के लिए लंबी दूरी तय करते हैं। उनके लिए बेहतर सड़कें, कुशल ट्रेन नेटवर्क और आधुनिक शहरी सुविधाएं किसी भी भावनात्मक या सांस्कृतिक मुद्दे से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। वे चाहते हैं कि सरकारें भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शहरों का नियोजन करें, न कि केवल चुनाव जीतने के लिए तात्कालिक घोषणाएं करें।
पारदर्शी शासन और जवाबदेही इस पीढ़ी की तीसरी सबसे बड़ी मांग है। डिजिटल युग में पली-बढ़ी यह पीढ़ी सूचनाओं तक त्वरित पहुंच रखती है। वे चाहते हैं कि सरकार की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता हो और सार्वजनिक धन का उपयोग कहां और कैसे हो रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी जनता को दी जाए। भारतीय मूल के युवा विशेष रूप से भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता और योग्यता आधारित अवसरों के पक्षधर हैं। उनके लिए यह मायने नहीं रखता कि नेता किस पृष्ठभूमि से आता है, बल्कि यह मायने रखता है कि वह कितनी ईमानदारी और कुशलता से अपना काम करता है।
रोजगार के मोर्चे पर भी उम्मीदें बदली हैं। जेन-जी अब केवल पारंपरिक नौकरियों तक सीमित नहीं रहना चाहती। वे उभरती प्रौद्योगिकियों, एआई और हरित अर्थव्यवस्था (Green Economy) में भविष्य देख रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई राजनीति में शामिल होने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई युवाओं का मानना है कि यदि राजनीतिक दल उन्हें नवाचार और कौशल विकास के अवसर प्रदान करने में विफल रहते हैं, तो वे अपनी वफादारी बदलने में संकोच नहीं करेंगे। निष्कर्षतः, अब समय आ गया है कि राजनीतिक नेतृत्व पुरानी बयानबाजी को छोड़कर उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे जो वास्तव में देश के भविष्य को आकार देने वाले हैं।
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