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बेलफास्ट में भारी हिंसा: प्रवासियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, इमारतों और गाड़ियों में लगाई आग
ICN24 Newsroom 10 जून 2026, 03:31 pm

बेलफास्ट में दक्षिणपंथी समूहों के विरोध प्रदर्शनों के बाद भारी हिंसा भड़क उठी है, जिसमें प्रवासियों को निशाना बनाया जा रहा है और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है।
उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट में हाल ही में हुई एक चाकूबाजी की घटना के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया है। दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं द्वारा बुलाए गए प्रदर्शनों के दौरान शहर में बड़े पैमाने पर अशांति देखी गई, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने इमारतों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया। सोशल मीडिया पर प्रसारित विजुअल्स में प्रवासियों के खिलाफ नारेबाजी और हिंसक झड़पें देखी जा सकती हैं, जिसके चलते कई विदेशी नागरिकों को उनके घरों से बेदखल होना पड़ा है।
पुलिस के अनुसार, यह हिंसा तब शुरू हुई जब अप्रवासन विरोधी समूहों ने सड़कों पर मार्च निकाला। यह विरोध प्रदर्शन हाल ही में हुई एक हिंसक घटना के बाद सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों और कट्टरपंथी समूहों के उकसावे के परिणामस्वरूप हुआ। बेलफास्ट की सड़कों पर दंगाइयों ने पुलिस पर पथराव किया और पेट्रोल बम फेंके, जिससे स्थिति अनियंत्रित हो गई। विशेष रूप से प्रवासी समुदायों द्वारा संचालित दुकानों और व्यवसायों को निशाना बनाया गया, जिससे स्थानीय निवासियों में भय का माहौल है।
आस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह घटनाक्रम चिंता का विषय है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में भी हाल के वर्षों में अप्रवासन नीतियों और सामाजिक सामंजस्य को लेकर बहस तेज हुई है। बेलफास्ट की ये तस्वीरें बहुसांस्कृतिक समाजों में बढ़ती कट्टरता और गलत सूचनाओं (misinformation) के खतरों को रेखांकित करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बिना किसी जांच के साझा की गई सामग्री समुदायों के बीच नफरत फैलाने का मुख्य जरिया बन रही है।
उत्तरी आयरलैंड पुलिस सेवा (PSNI) ने घटना की निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह की हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया है और कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। प्रवासी संगठनों ने भी सरकार से सुरक्षा की मांग की है, क्योंकि बेदखल किए गए कई परिवार अब अस्थायी आश्रयों में रहने को मजबूर हैं।
यह अशांति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि ब्रिटेन के कई हिस्सों में इसी तरह के नस्लीय तनाव की खबरें सामने आई हैं। भारतीय-आस्ट्रेलियाई समुदाय के नेता अक्सर इस बात पर जोर देते हैं कि प्रवासी समुदाय आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और इस तरह की हिंसा केवल समाज को विभाजित करने का काम करती है। बेलफास्ट की स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण बनी हुई है, और कानून प्रवर्तन एजेंसियां शांति बहाली के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
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