ऑस्ट्रेलिया
ईरानी खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रहे ऑस्ट्रेलियाई नागरिक ने बॉन्डी में रची थी बमबारी की साजिश: ASIO प्रमुख का खुलासा
ICN24 Newsroom 24 जून 2026, 05:39 pm

ASIO प्रमुख माइक बर्गेस ने खुलासा किया है कि सिडनी के बॉन्डी में हुई बमबारी की साजिश ईरान के लिए काम कर रहे एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक ने रची थी।
ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा खुफिया संगठन (ASIO) के महानिदेशक माइक बर्गेस ने अपनी वार्षिक खतरा मूल्यांकन रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। बर्गेस के अनुसार, सिडनी के बॉन्डी उपनगर में हुई एक भीषण आगजनी और बमबारी की घटना के पीछे ईरान के लिए काम कर रहा एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक था। यह खुलासा ऑस्ट्रेलिया के भीतर विदेशी हस्तक्षेप और जासूसी के बढ़ते खतरों की ओर इशारा करता है। बर्गेस ने स्पष्ट किया कि यह व्यक्ति न केवल ईरान का समर्थक था, बल्कि वह एक 'वरिष्ठ खुफिया अधिकारी' के रूप में वहां से निर्देश प्राप्त कर रहा था।
अपनी रिपोर्ट में बर्गेस ने मेलबर्न में एक यहूदी प्रार्थना स्थल (सिनगॉग) पर हुए हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस हमले का निर्देशन इराक में रहने वाले एक पूर्व ऑस्ट्रेलियाई निवासी द्वारा किया गया था। ये दोनों घटनाएं यह दर्शाती हैं कि किस तरह विदेशी ताकतें ऑस्ट्रेलिया की धरती पर हिंसा फैलाने के लिए स्थानीय नागरिकों और पूर्व निवासियों का इस्तेमाल कर रही हैं। बर्गेस ने चेतावनी दी कि विदेशी खुफिया एजेंसियां अब सीधे तौर पर हिंसात्मक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सक्रिय हैं, जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है।
सुरक्षा प्रमुख ने सोशल मीडिया की भूमिका पर भी गहरा प्रलाप व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म संस्थानों के प्रति अविश्वास को बढ़ावा दे रहे हैं। ये प्लेटफॉर्म न केवल गलत सूचनाएं फैला रहे हैं, बल्कि समाज में ध्रुवीकरण और विभाजन को भी तेज कर रहे हैं। बर्गेस के अनुसार, सोशल मीडिया अल्गोरिदम ऐसे कंटेंट को बढ़ावा देते हैं जो लोगों को कट्टरपंथी बनाने में मदद करते हैं, जिससे अंततः सामाजिक सामंजस्य बिगड़ता है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह खबर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया एक बहुसांस्कृतिक देश है जहां विभिन्न देशों और धर्मों के लोग शांति से रहते हैं। हालांकि, वैश्विक संघर्षों—जैसे कि मध्य पूर्व में तनाव—का असर अब ऑस्ट्रेलिया की गलियों में भी महसूस किया जा रहा है। बर्गेस ने जोर देकर कहा कि विदेशों में चल रहे संघर्षों को ऑस्ट्रेलिया के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। उन्होंने प्रवासी समुदायों से अपील की कि वे कट्टरपंथी विचारधाराओं से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना अधिकारियों को दें।
अंत में, ASIO प्रमुख ने यह स्पष्ट कर दिया कि एजेंसी ऐसे तत्वों पर कड़ी नजर रख रही है जो विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'लोकतंत्र में असहमति का स्थान है, लेकिन विदेशी हस्तक्षेप और हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।' यह रिपोर्ट ऑस्ट्रेलियाई सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चेतावनी की तरह है कि उन्हें तकनीक और मानवाधिकारों के बीच संतुलन बनाते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना होगा।
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