इमिकास्ट
ऑस्ट्रेलिया में शरणार्थियों के लिए स्थायी बना 'कम्युनिटी सपोर्ट प्रोग्राम'; लुइसियाना और एना की कहानी ने दिखाया नया रास्ता
ICN24 Newsroom 12 जून 2026, 12:31 pm

अल्बनीज सरकार ने शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए प्रायोगिक तौर पर शुरू किए गए कम्युनिटी सपोर्ट प्रोग्राम को अब स्थायी बनाने का निर्णय लिया है।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने देश की आव्रजन नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए शरणार्थियों के पुनर्वास से जुड़े एक विशेष कार्यक्रम को स्थायी दर्जा देने का फैसला किया है। 'कम्युनिटी रिफ्यूजी इंटीग्रेशन एंड सेटलमेंट पायलट' (CRISP) नामक इस कार्यक्रम के तहत स्थानीय समुदाय और निजी समूह शरणार्थियों के रहने, खाने और रोजगार की जिम्मेदारी उठाते हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ऑस्ट्रेलिया में प्रवासन और शरणार्थी नीतियों पर राजनीतिक बहस तेज है।
वेनेजुएला से भागकर ऑस्ट्रेलिया पहुंचीं लुइसियाना और एना की कहानी इस कार्यक्रम की सफलता का एक बड़ा उदाहरण है। समलैंगिक जोड़ा होने के कारण उन्हें अपने देश और फिर पेरू में भारी असुरक्षा का सामना करना पड़ा। पारंपरिक शरणार्थी प्रक्रियाओं के बजाय, वे CRISP कार्यक्रम के माध्यम से मेलबर्न पहुंचीं, जहां स्थानीय ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के एक समूह ने उनके आगमन से लेकर उनके घर और नौकरी तक का प्रबंध किया। यह मॉडल सरकारी एजेंसी-आधारित पुनर्वास से बिल्कुल अलग और अधिक मानवीय अनुभव प्रदान करता है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह खबर विशेष रूप से प्रासंगिक है। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोग अब सबसे बड़े और प्रभावशाली प्रवासी समूहों में से एक हैं। इस कार्यक्रम के स्थायी होने से भारतीय सामुदायिक संगठनों, मंदिर ट्रस्टों और सांस्कृतिक संस्थाओं के लिए भी रास्ते खुलेंगे कि वे संकटग्रस्त क्षेत्रों से आने वाले परिवारों को सीधे तौर पर प्रायोजित कर सकें। इससे न केवल शरणार्थियों को नई जिंदगी मिलती है, बल्कि सामाजिक एकजुटता भी बढ़ती है।
आप्रवासन मंत्री एंड्रयू जाइल्स ने संकेत दिया है कि इस कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए इसे और विस्तार दिया जाएगा। आलोचकों का मानना था कि निजी स्पॉन्सरशिप से सरकार की जिम्मेदारी कम हो जाएगी, लेकिन शुरुआती परिणामों ने दिखाया है कि सामुदायिक सहयोग से आने वाले शरणार्थी अधिक तेजी से अंग्रेजी सीखते हैं और स्थानीय श्रम बाजार में जल्द शामिल हो जाते हैं।
लुइसियाना और एना के लिए मेलबर्न अब केवल एक शहर नहीं, बल्कि एक सुरक्षित घर है। वेनेजुएला से लेकर पेरू तक के उनके कठिन सफर का अंत ऑस्ट्रेलिया के इस दयालु और समावेशी दृष्टिकोण के कारण संभव हो सका। सरकार का यह फैसला भविष्य में कई और ऐसे परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनेगा जो युद्ध या उत्पीड़न से बचकर एक नया जीवन शुरू करना चाहते हैं।
संबंधित ख़बरें
इमिग्रेशन
'व्हाइट ऑस्ट्रेलिया पॉलिसी' खत्म होने से शुरू हुई आव्रजन की समस्याएं: पॉलीन हैंसन
वन नेशन नेता पॉलीन हैंसन ने दावा किया है कि ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा आव्रजन चुनौतियां 1970 के दशक में 'व्हाइट ऑस्ट्रेलिया पॉलिसी' के अंत के साथ शुरू हुई थीं।
17 जुल॰ 2026, 09:27 am
इमिग्रेशन
न्यूजीलैंड के मंत्री मार्क पैटरसन का भारत दौरा: ऊन निर्यात बढ़ाने पर जोर, लेकिन FTA पर बरकरार है राजनीतिक गतिरोध
न्यूजीलैंड के कृषि उप मंत्री मार्क पैटरसन भारत में ऊन व्यापार को बढ़ावा देने पहुंचे हैं, लेकिन उनकी पार्टी द्वारा मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
14 जुल॰ 2026, 07:56 am
इमिग्रेशन
भारत-ऑस्ट्रेलिया यूरेनियम समझौते पर पॉलीन हैनसन के तीखे तेवर; अल्बनीज सरकार की 'दोहरी नीति' पर उठाए सवाल
वन नेशन की नेता पॉलीन हैनसन ने भारत के साथ हुए नए यूरेनियम समझौते को लेकर सरकार की आलोचना की है। उन्होंने घरेलू स्तर पर परमाणु ऊर्जा पर प्रतिबंध और निर्यात को विरोधाभासी बताया।
12 जुल॰ 2026, 09:36 am

