ऑस्ट्रेलिया
एक्सरसाइज 'टैलिस्मान सेबर 2027' की तारीखों का ऐलान; ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच गहराते रक्षा संबंधों पर टिकी निगाहें
ICN24 Newsroom 9 अग॰ 2026, 11:37 pm

ऑस्ट्रेलिया ने 'टैलिस्मान सेबर 2027' की तारीखों की घोषणा कर दी है। यह अब तक का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी सैन्य अभ्यास होगा, जिसमें भारत की बढ़ती भागीदारी की संभावना है।
भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने द्विपक्षीय और क्षेत्रीय सुरक्षा की दिशा में एक बड़े कदम की घोषणा की है। ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सैन्य अभ्यास, 'टैलिस्मान सेबर 2027' की तारीखों को आधिकारिक तौर पर साझा कर दिया गया है। यह अभ्यास 9 अगस्त से 22 अगस्त 2027 तक आयोजित किया जाएगा। उच्चायुक्त ग्रीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो संदेश के माध्यम से इस खबर की पुष्टि की, जिसमें उन्होंने इसे अब तक का सबसे बड़ा और सबसे महत्वाकांक्षी संस्करण बताया है।
टैलिस्मान सेबर मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन हाल के वर्षों में यह एक व्यापक बहुपक्षीय मंच में बदल गया है। 2027 का संस्करण विशेष महत्व रखता है क्योंकि इसमें शामिल होने वाले देशों और सैन्य साजो-सामान की संख्या पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। इस घोषणा का महत्व भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों के संदर्भ में और भी बढ़ जाता है, क्योंकि दोनों देश 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) के तहत अपने रक्षा संबंधों को लगातार मजबूत कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर रणनीतिक और भावनात्मक दोनों रूप से महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का अर्थ है कि दोनों देशों के बीच विश्वास और समन्वय का स्तर नई ऊंचाइयों पर है। हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों देशों की सेनाएं अब पहले से कहीं अधिक मिलकर काम कर रही हैं। 'क्वाड' (Quad) समूह के सदस्य होने के नाते, भारत और ऑस्ट्रेलिया इस सैन्य अभ्यास के जरिए अपनी संयुक्त क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे, जिससे क्षेत्र में एक सुरक्षित व्यापारिक मार्ग और संप्रभुता सुनिश्चित हो सकेगी।
फिलिप ग्रीन द्वारा साझा किए गए वीडियो में पिछले अभ्यासों के कुछ प्रभावशाली दृश्य दिखाए गए हैं, जो इस सैन्य आयोजन की जटिलता और विशालता को दर्शाते हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 में भारत की भूमिका केवल एक पर्यवेक्षक तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारतीय सशस्त्र बल इसमें सक्रिय भागीदार के रूप में शामिल हो सकते हैं। इससे पहले भी भारतीय नौसेना और वायुसेना ने ऑस्ट्रेलिया के साथ विभिन्न युद्धाभ्यासों में हिस्सा लिया है, लेकिन टैलिस्मान सेबर का पैमाना इन सबसे कहीं बड़ा है।
अंत में, यह अभ्यास केवल युद्ध की तैयारी नहीं है, बल्कि यह उन साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित व्यवस्था का प्रतीक है, जिसका समर्थन भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों करते हैं। ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय प्रवासियों के लिए, अपने देश (ऑस्ट्रेलिया) और अपनी जड़ों (भारत) के बीच इस तरह का उच्च-स्तरीय समन्वय एक गर्व का विषय है, जो दोनों देशों के भविष्य को सुरक्षा के एक सूत्र में बांधता है।
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