राजनीति
OpenAI मुख्यालय के बाहर 'बॉडी बैग्स' के साथ विरोध: सैन्य करार पर प्रदर्शनकारियों ने उठाए सवाल
ICN24 Newsroom 17 जुल॰ 2026, 11:32 pm

सैन फ्रांसिस्को में ओपनएआई के कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने 'बॉडी बैग्स' रखकर कंपनी के अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ हुए समझौते के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
सैन फ्रांसिस्को स्थित ओपनएआई (OpenAI) के मुख्यालय के बाहर हाल ही में एक गंभीर और चौंकाने वाला विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के अनियंत्रित विकास का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के मुख्य द्वार के बाहर 'बॉडी बैग्स' (शवों को रखने वाले थैले) रखकर अपना रोष प्रकट किया। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से ओपनएआई और अमेरिकी रक्षा विभाग (DoD) के बीच हाल ही में हुए एक समझौते के खिलाफ था, जिसने तकनीक की दुनिया में नैतिक बहस छेड़ दी है।
प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि चैटजीपीटी (ChatGPT) जैसे लोकप्रिय एआई टूल बनाने वाली कंपनी अब अपनी शांतिपूर्ण छवि से हटकर सैन्य उद्देश्यों की ओर बढ़ रही है। पूर्व में, ओपनएआई की नीतियों में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि उसकी तकनीक का उपयोग सैन्य या युद्ध संबंधी कार्यों में नहीं किया जाएगा। हालांकि, हाल ही में कंपनी ने अपनी 'यूसेज पॉलिसी' में बदलाव करते हुए इस प्रतिबंध को हटा दिया, जिससे एक्टिविस्ट्स और तकनीक विशेषज्ञों के बीच चिंता बढ़ गई है।
इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन 'पॉज़ एआई' (Pause AI) जैसे समूहों द्वारा किया गया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सैन्य उपकरणों और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में एआई का एकीकरण भविष्य में विनाशकारी साबित हो सकता है। प्रतीकात्मक 'बॉडी बैग्स' का उपयोग यह दर्शाने के लिए किया गया कि एआई का युद्ध में उपयोग मानवीय जीवन के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकता है। उनका मानना है कि यदि एआई स्वायत्त हथियारों (Autonomous Weapons) को नियंत्रित करने लगा, तो इसे रोकना लगभग असंभव होगा।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी यह मुद्दा काफी महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों ही देश वर्तमान में अपनी एआई नीतियों और रक्षा रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में काम कर रहे भारतीय मूल के हजारों आईटी पेशेवरों के लिए, एआई की नैतिकता और इसके वैश्विक सुरक्षा निहितार्थ एक प्रमुख चर्चा का विषय बन गए हैं। ऑस्ट्रेलिया में भी एआई के सुरक्षित उपयोग को लेकर कड़े नियम बनाने की मांग उठ रही है, और ओपनएआई जैसी वैश्विक कंपनियों के फैसले सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय मानकों को प्रभावित करते हैं।
ओपनएआई ने इन आरोपों पर स्पष्टीकरण देते हुए पहले कहा है कि उनका उद्देश्य सुरक्षित एआई विकसित करना है और वे केवल उन परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं जो साइबर सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की रक्षा में मदद कर सकें। हालांकि, प्रदर्शनकारी इस बात से संतुष्ट नहीं हैं और उनका कहना है कि सैन्य साझेदारी की कोई भी शुरुआत भविष्य में हथियारों की होड़ को जन्म देगी। फिलहाल, सैन फ्रांसिस्को का यह विरोध प्रदर्शन वैश्विक स्तर पर एआई के भविष्य और इसकी सीमाओं पर चल रही बहस को और तेज कर गया है।
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