ऑस्ट्रेलिया
जापान के प्रधानमंत्री से मिले उपहार पर अल्बनीज की टिप्पणी से विवाद: विपक्ष ने बताया 'अपमानजनक'
ICN24 Newsroom 10 अग॰ 2026, 11:37 pm

प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज द्वारा जापान के पूर्व प्रधानमंत्री से मिले महंगे खरबूजों के उपहार पर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्ष ने इसे कूटनीतिक रूप से गलत बताया है।
ऑस्ट्रेलियाई राजनीति में इन दिनों एक 'खरबूजे' को लेकर घमासान मचा हुआ है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज द्वारा एक हालिया पॉडकास्ट के दौरान जापान के प्रधानमंत्री से मिले एक कूटनीतिक उपहार पर की गई टिप्पणी को लेकर विपक्षी दल गठबंधन (Coalition) ने कड़ा ऐतराज जताया है। शैडो ट्रेजरर एंगस टेलर ने इन टिप्पणियों को 'अपमानजनक' करार देते हुए कहा है कि यह ऑस्ट्रेलिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारों में से एक का अनादर है।
विवाद की जड़ एक रेडियो पॉडकास्ट में अल्बनीज की वह बातचीत है, जिसमें उन्होंने जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा द्वारा दिए गए उपहार का जिक्र किया था। जापान में 'युबारी किंग' जैसे महंगे खरबूजे सम्मान और प्रतिष्ठा का प्रतीक माने जाते हैं और अक्सर कूटनीतिक भेंट के रूप में दिए जाते हैं। प्रधानमंत्री अल्बनीज ने मजाकिया लहजे में इस उपहार के बारे में बात की, लेकिन विपक्षी नेताओं का मानना है कि इस तरह का व्यवहार अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गंभीरता को कम करता है।
एंगस टेलर ने सिडनी में मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को यह समझना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी हर बात का महत्व होता है। उन्होंने कहा, "जापान हमारा एक भरोसेमंद मित्र और क्वाड (Quad) में एक महत्वपूर्ण भागीदार है। प्रधानमंत्री द्वारा एक व्यक्तिगत उपहार का इस तरह सार्वजनिक रूप से मजाक बनाना न केवल कूटनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ है, बल्कि यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों के लिए भी अच्छा नहीं है।"
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह मुद्दा विशेष रूप से प्रासंगिक है क्योंकि भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान 'क्वाड' समूह के माध्यम से एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। कूटनीतिक शिष्टाचार और उपहारों का आदान-प्रदान एशियाई संस्कृतियों में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत और जापान दोनों ही देशों में राजकीय उपहारों को केवल एक वस्तु के रूप में नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और विश्वास के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। सिडनी और मेलबर्न में बसे भारतीय प्रवासियों के बीच भी इस बात की चर्चा है कि क्या ऑस्ट्रेलियाई नेताओं को एशियाई देशों के साथ व्यवहार करते समय अधिक सांस्कृतिक संवेदनशीलता दिखाने की आवश्यकता है।
लेबर पार्टी के समर्थकों ने प्रधानमंत्री का बचाव करते हुए कहा है कि यह केवल एक अनौपचारिक बातचीत थी और इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। सरकार के प्रवक्ताओं का तर्क है कि जापान के साथ ऑस्ट्रेलिया के संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हैं और एक छोटी सी टिप्पणी से इसमें कोई दरार नहीं आएगी। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जापान जैसे देशों में, जहां शिष्टाचार और मर्यादा को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है, इस तरह की टिप्पणियां गलत संदेश भेज सकती हैं।
फिलहाल, विपक्ष इस मुद्दे को संसद में उठाने की तैयारी कर रहा है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए जापान और भारत जैसे देशों के साथ सैन्य और आर्थिक सहयोग बढ़ा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रधानमंत्री इस पर आधिकारिक स्पष्टीकरण देते हैं या यह विवाद राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित रहता है।
संबंधित ख़बरें

ऑस्ट्रेलिया
गेम रिव्यू: 'स्प्लाटून रेडर्स' ने मचाया धमाल, भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई गेमर्स के लिए एक नया रोमांच
स्प्लाटून रेडर्स अपने बेहतरीन गेमप्ले और तकनीकी प्रदर्शन के कारण गेमिंग जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय युवाओं के बीच।
10 अग॰ 2026, 10:37 pm

ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया में शिक्षकों की हड़ताल का संकट: सरकार ने दिया 'साइनिंग बोनस' और वेतन वृद्धि का प्रस्ताव
ऑस्ट्रेलियाई राज्य सरकार ने शिक्षकों की तीसरी बड़ी हड़ताल रोकने के लिए एकमुश्त 'साइनिंग बोनस' और संशोधित वेतन वृद्धि का नया प्रस्ताव पेश किया है।
10 अग॰ 2026, 09:38 pm

ऑस्ट्रेलिया
शिक्षकों को हड़ताल से रोकने के लिए 'साइनिंग बोनस' का दांव, सरकार ने रखा नया वेतन प्रस्ताव
ऑस्ट्रेलिया में सरकारी स्कूल के शिक्षकों की तीसरी बड़ी हड़ताल को टालने के लिए सरकार ने एकमुश्त साइनिंग बोनस और संशोधित वेतन समझौते की पेशकश की है।
10 अग॰ 2026, 09:37 pm
