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ऑस्ट्रेलिया में 1 जुलाई से बढ़ेगा सवेतन माता-पिता अवकाश, अब मिलेंगे पूरे 26 हफ्ते और $30,000 की सहायता

ICN24 Newsroom 24 जून 2026, 02:10 pm
ऑस्ट्रेलिया में 1 जुलाई से बढ़ेगा सवेतन माता-पिता अवकाश, अब मिलेंगे पूरे 26 हफ्ते और $30,000 की सहायता

अल्बनीज सरकार 1 जुलाई से सवेतन माता-पिता अवकाश को बढ़ाकर 26 हफ्ते करेगी, जिससे पात्र परिवारों को लगभग $30,000 की वित्तीय सहायता मिलेगी।

ऑस्ट्रेलिया की अल्बनीज लेबर सरकार आगामी 1 जुलाई से 'पेड पैरेंटल लीव' (सवेतन माता-पिता अवकाश) योजना में एक ऐतिहासिक विस्तार करने जा रही है। इस नए बदलाव के तहत, देश के नए माता-पिता अब कुल 26 सप्ताह के सवेतन अवकाश के पात्र होंगे। सरकार के इस निर्णय से परिवारों को लगभग $30,000 की प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्राप्त होगी, जो बच्चों के पालन-पोषण के शुरुआती दिनों में एक बड़ा सहारा साबित होगी। 1 जुलाई से प्रभावी होने वाली इस नीति के अंतर्गत, वे सभी परिवार जो बच्चे के जन्म या उसे गोद लेने की योजना बना रहे हैं, इस पूर्ण 26-सप्ताह के लाभ का उपयोग कर सकेंगे। यह विस्तार पिछले वर्षों की तुलना में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसने पुरानी व्यवस्था के तहत मिलने वाली छुट्टियों को लगभग दोगुना कर दिया है। यह नीति विशेष रूप से उन परिवारों के लिए बनाई गई है जो काम और परिवार के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रवासी समूह यहाँ सबसे तेजी से बढ़ते समुदायों में से एक है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले अधिकांश भारतीय परिवार 'न्यूक्लियर' सेटअप में रहते हैं, जहाँ उनके पास भारत की तरह दादा-दादी या विस्तृत परिवार का तत्काल सहयोग उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में, सवेतन अवकाश की अवधि बढ़ने से माता-पिता को बच्चे की देखभाल के लिए अधिक समय मिलेगा और उन्हें आर्थिक तंगी के कारण जल्दबाजी में काम पर लौटने की जरूरत नहीं होगी। सरकार का तर्क है कि यह न केवल एक सामाजिक सुधार है, बल्कि एक बड़ा आर्थिक सुधार भी है। सवेतन अवकाश की अवधि बढ़ाने से महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ेगी और पिता को भी बच्चे की देखभाल में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। इस नीति के तहत मिलने वाली $30,000 की राशि वर्तमान में बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए भारतीय पेशेवरों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच बनेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, मेलबर्न, सिडनी और पर्थ जैसे बड़े शहरों में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई परिवार अक्सर बढ़ते किरायों और अन्य खर्चों को लेकर चिंतित रहते हैं। यह अतिरिक्त अवकाश और वित्तीय सहायता उन्हें मानसिक शांति और स्थिरता प्रदान करेगी। पात्र माता-पिता को सलाह दी गई है कि वे 1 जुलाई से लागू होने वाले इन लाभों का विवरण सेंटरलिंक (Centrelink) के माध्यम से प्राप्त करें और अपनी छुट्टियों की योजना उसी के अनुसार बनाएं।
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