लाइव
राजनीति
राजनीति

कौन है ऑस्टिन फ्रेंको? अमेरिकी छात्र ने यहूदी व्यक्ति के लिए काम करने से किया इनकार, बढ़ा विवाद

ICN24 Newsroom 15 जून 2026, 07:31 am
कौन है ऑस्टिन फ्रेंको? अमेरिकी छात्र ने यहूदी व्यक्ति के लिए काम करने से किया इनकार, बढ़ा विवाद

मिशिगन के एक छात्र ऑस्टिन फ्रेंको ने यहूदी विरोधी टिप्पणी कर विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से एक यहूदी व्यक्ति के अधीन काम करने से इनकार किया है।

अमेरिका के मिशिगन टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के एक छात्र, ऑस्टिन फ्रेंको, इस समय अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब फ्रेंको ने एक नौकरी के अवसर को केवल इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि संभावित नियोक्ता यहूदी समुदाय से संबंध रखते थे। फ्रेंको का यह बयान कि वे 'किसी यहूदी के लिए काम करने में रुचि नहीं रखते', सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे धार्मिक भेदभाव और हेट स्पीच पर एक नई बहस छिड़ गई है। घटना का विवरण तब सामने आया जब संबंधित नियोक्ता ने फ्रेंको के साथ हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट साझा किया। फ्रेंको, जो इंजीनियरिंग का छात्र बताया जा रहा है, ने सीधे तौर पर यहूदी विरोधी भावना व्यक्त की। इस घटना के बाद मिशिगन टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन पर छात्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का दबाव बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय ने एक औपचारिक बयान में कहा है कि वे किसी भी प्रकार के भेदभाव या नफरत का समर्थन नहीं करते हैं और मामले की आंतरिक जांच की जा रही है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। ऑस्ट्रेलिया जैसे बहुसांस्कृतिक समाज में, जहां भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अक्सर कार्यस्थलों पर विविधता और समावेशिता की वकालत करते हैं, ऐसी घटनाएं चिंताजनक हैं। भारतीय समुदाय, जो स्वयं कभी-कभी नस्लीय टिप्पणियों का सामना करता है, इस तरह के धार्मिक और नस्लीय भेदभाव के खिलाफ मुखर रहा है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों का मानना है कि कार्यस्थल पर योग्यता को धर्म या जाति से ऊपर रखा जाना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी देशों के विश्वविद्यालयों में इस तरह की विचारधारा का पनपना चिंता का विषय है। यह केवल एक व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह उस बढ़ती असहिष्णुता को दर्शाता है जो पेशेवर जगत की मर्यादा को भंग कर रही है। यहूदी विरोधी (Anti-Semitism) टिप्पणियों के खिलाफ अमेरिका में सख्त कानून हैं, और फ्रेंको के करियर पर इस घटना का गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। कई मानवाधिकार संगठनों ने फ्रेंको की आलोचना करते हुए मांग की है कि कंपनियों को भर्ती प्रक्रिया में ऐसे उम्मीदवारों के प्रति सतर्क रहना चाहिए जो कट्टरपंथी विचारधारा रखते हैं। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई संगठनों ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि दुनिया भर के शिक्षण संस्थानों को छात्रों में नैतिक मूल्यों और परस्पर सम्मान की भावना को प्राथमिकता देनी चाहिए। वर्तमान में, ऑस्टिन फ्रेंको ने इस विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है, लेकिन उनके डिजिटल पदचिह्नों और पिछली गतिविधियों की जांच की जा रही है। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि वैश्विक स्तर पर सद्भाव बनाए रखने के लिए नफरत फैलाने वाले बयानों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अनिवार्य है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

प्राथमिकी वापस लें या फिर से आंदोलन का सामना करें: CJP ने NEET प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर सरकार को दी चेतावनी
राजनीति

प्राथमिकी वापस लें या फिर से आंदोलन का सामना करें: CJP ने NEET प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर सरकार को दी चेतावनी

न्याय और शांति समिति (CJP) ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि NEET विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर दर्ज की गई FIR वापस नहीं ली गईं, तो वे फिर से सड़कों पर उतरेंगे।

28 जुल॰ 2026, 10:37 am
पेपर लीक पर नकेल: केंद्र सरकार ने पेश किया कड़ा विधेयक, दोषियों को होगी 10 साल की जेल
राजनीति

पेपर लीक पर नकेल: केंद्र सरकार ने पेश किया कड़ा विधेयक, दोषियों को होगी 10 साल की जेल

केंद्र सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक रोकने के लिए एक नया विधेयक पेश किया है, जिसमें भारी जुर्माने और जेल का प्रावधान है।

28 जुल॰ 2026, 10:36 am
न्यूयॉर्क: यहूदियों पर हुए हमलों के बाद विधायक जोहरान ममदानी के खिलाफ संघीय जांच की मांग
राजनीति

न्यूयॉर्क: यहूदियों पर हुए हमलों के बाद विधायक जोहरान ममदानी के खिलाफ संघीय जांच की मांग

न्यूयॉर्क के एक विधायक ने भारतीय मूल के नेता जोहरान ममदानी के खिलाफ नागरिक अधिकारों के उल्लंघन की जांच के लिए अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) को पत्र लिखा है।

28 जुल॰ 2026, 09:36 am