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व्हाइट हाउस फीफा विश्व कप प्रमुख ने सोमाली रेफरी और ईरानियों पर लगे वीजा प्रतिबंध का बचाव किया
ICN24 Newsroom 10 जून 2026, 03:00 pm

ट्रम्प प्रशासन के फीफा विश्व कप प्रमुख ने सोमालिया और ईरान के नागरिकों पर लगे यात्रा प्रतिबंधों को उचित ठहराया है, जिससे आगामी अंतरराष्ट्रीय आयोजनों पर सवाल उठ रहे हैं।
वॉशिंगटन — राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन में फीफा विश्व कप की तैयारियों का नेतृत्व कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमालिया और ईरान जैसे देशों के नागरिकों पर लगाए गए विवादास्पद वीजा प्रतिबंधों का पुरजोर बचाव किया है। यह बयान तब आया है जब एक सोमाली रेफरी और कई ईरानी नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में हलचल मच गई है।
व्हाइट हाउस के प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि ये प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों का हिस्सा हैं और इन्हें व्यापक आव्रजन कार्रवाई (immigration crackdown) के तहत लागू किया गया है। प्रशासन का तर्क है कि जिन देशों की सुरक्षा जांच प्रक्रियाएं अमेरिकी मानकों के अनुरूप नहीं हैं, वहां के यात्रियों पर सख्त प्रतिबंध अनिवार्य हैं। हालांकि, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और खेल संगठनों ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे भेदभावपूर्ण बताया है।
सोमालिया उन देशों की सूची में शामिल है जिन पर ट्रम्प प्रशासन ने कड़े यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं। हाल ही में एक सोमाली फुटबॉल रेफरी को एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए वीजा नहीं दिया गया, जिससे यह बहस छिड़ गई है कि क्या भविष्य में अमेरिका में होने वाले फीफा विश्व कप जैसे बड़े आयोजनों में सभी देशों की समान भागीदारी सुनिश्चित हो पाएगी।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय और अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों के लिए यह खबर चिंता का विषय है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय अक्सर वैश्विक आव्रजन नीतियों में होने वाले बदलावों से प्रभावित होता है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले खेल प्रेमियों का मानना है कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए। यदि इस तरह के प्रतिबंध जारी रहते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की निष्पक्षता और वैश्विक भावना को ठेस पहुंच सकती है।
आलोचकों का कहना है कि खेल के मैदान पर प्रतिभा की जीत होनी चाहिए, न कि पासपोर्ट की शक्ति की। ईरान और सोमालिया जैसे देशों के एथलीटों और अधिकारियों पर इस तरह की पाबंदियां अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संघ (फीफा) के उन नियमों के भी खिलाफ हो सकती हैं, जो समावेशिता और बिना किसी भेदभाव के खेल आयोजन की बात करते हैं।
फिलहाल, व्हाइट हाउस अपनी नीति पर कायम है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा सर्वोपरि है और खेल आयोजनों के लिए इन नियमों में ढील देने की वर्तमान में कोई योजना नहीं है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि फीफा और अन्य अंतरराष्ट्रीय निकाय इस पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या अमेरिका अपनी वीजा नीतियों में किसी भी प्रकार के 'स्पोर्ट्स कोटे' को जगह देता है या नहीं।
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