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पश्चिम बंगाल: होल्डिंग केंद्रों से 4,800 अवैध प्रवासी बांग्लादेश भेजे गए, 836 निर्वासन की प्रतीक्षा में

ICN24 Newsroom 8 जून 2026, 08:30 am
पश्चिम बंगाल: होल्डिंग केंद्रों से 4,800 अवैध प्रवासी बांग्लादेश भेजे गए, 836 निर्वासन की प्रतीक्षा में

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा में जानकारी दी कि राज्य के विभिन्न केंद्रों से 4,800 लोगों को वापस भेजा गया है, जबकि कई अन्य अभी भी हिरासत में हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को राज्य विधानसभा में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य के विभिन्न होल्डिंग केंद्रों में रखे गए 4,800 अवैध प्रवासियों को वापस बांग्लादेश भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सदन को सूचित किया कि यह कार्रवाई कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की गई है और वर्तमान में 836 अन्य व्यक्ति अभी भी निर्वासन की प्रतीक्षा में इन केंद्रों में रह रहे हैं। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, यह कदम सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ पर नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्वासन की प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल और कानूनी मानदंडों का पालन करते हुए की जाती है। जिन लोगों को भेजा गया है, उनकी पहचान की पुष्टि होने के बाद ही उन्हें सीमा पार हस्तांतरित किया गया। ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की भूमिका पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सीमा की निगरानी का प्राथमिक उत्तरदायित्व सीमा सुरक्षा बल (BSF) का है, जो केंद्र के अधीन आता है। हालांकि, राज्य पुलिस और स्थानीय प्रशासन उन लोगों की पहचान करने और उन्हें हिरासत में लेने में सहयोग करते हैं जो बिना वैध दस्तावेजों के राज्य की सीमा में प्रवेश करते हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब भारत में नागरिकता और अवैध प्रवास को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर प्रासंगिक है, क्योंकि वहां भी अप्रवासन नीतियों और सीमाओं की सुरक्षा को लेकर कड़े कानून मौजूद हैं। प्रवासी भारतीय अक्सर अपनी मातृभूमि की सुरक्षा और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से जुड़ी खबरों पर गहरी नजर रखते हैं। ऑस्ट्रेलिया में 'ऑपरेशन सोवरेन बॉर्डर्स' जैसे सख्त कानूनों की तुलना अक्सर भारत की सीमा प्रबंधन चुनौतियों से की जाती रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वर्तमान में होल्डिंग केंद्रों में मौजूद 836 लोगों के निर्वासन की प्रक्रिया जारी है। इसमें देरी का मुख्य कारण दूसरे देश द्वारा नागरिकता की पुष्टि में लगने वाला समय और राजनयिक पत्राचार है। पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र से इस प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया है ताकि केंद्रों पर दबाव कम किया जा सके और मानवाधिकार मानकों का पालन सुनिश्चित हो। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार से और अधिक पारदर्शिता की मांग की है। विधानसभा में चर्चा के दौरान यह भी मांग उठी कि घुसपैठ रोकने के लिए सीमा पर बाड़ लगाने का काम जल्द पूरा किया जाना चाहिए। हालांकि, सरकार का कहना है कि वे कानून के दायरे में रहकर मानवीय दृष्टिकोण और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।
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