राजनीति
'हम करदाता हैं, आतंकवादी नहीं': सोशल मीडिया बैन और 'आतंकवादी' लेबल पर बिफरे कॉकरोच पार्टी के संस्थापक दीपके
ICN24 Newsroom 24 जून 2026, 05:41 pm
दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक दीपके ने एक्स अकाउंट ब्लॉक होने और प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी कहे जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
नई दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर राजनीतिक सरगर्मी तेज है, जहाँ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। विरोध प्रदर्शन के केंद्र में पार्टी के संस्थापक दीपके हैं, जिन्होंने केंद्र सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दीपके ने सरकार पर उनकी आवाज को दबाने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे नागरिकों को अपमानित करने का आरोप लगाया है।
हालिया विवाद दीपके के सोशल मीडिया अकाउंट को ब्लॉक किए जाने से शुरू हुआ। दीपके का आरोप है कि अधिकारियों ने इस कार्रवाई के पीछे का स्पष्ट कारण बताने से इनकार कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक लोकतांत्रिक देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर इस तरह का प्रहार क्यों किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने भावनात्मक अपील की और सरकार के रुख को 'शर्मनाक' करार दिया।
दीपके ने तीखे लहजे में कहा, 'हम इस देश के ईमानदार करदाता हैं। हमारे माता-पिता ने अपनी पूरी जिंदगी कर (Tax) चुकाया है। जब हम अपने अधिकारों की बात करते हैं, तो हमें आतंकवादी करार दिया जाता है। क्या यह इस देश के नागरिकों के लिए शर्म की बात नहीं है?' उन्होंने आगे कहा कि किसी भी असहमति की आवाज को दबाने के लिए 'आतंकवादी' जैसे भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल करना अब एक चलन बन गया है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
अपने संबोधन में दीपके ने पिछले कुछ वर्षों में हुए अन्य बड़े आंदोलनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब सरकार की नीतियों के खिलाफ खड़े होने वालों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे पूर्व में विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों और अपनी मांगों के लिए अड़े डॉक्टरों को भी इसी तरह के अपमानजनक विशेषणों से नवाजा गया था। दीपके के अनुसार, जब सरकार के पास तर्कों का जवाब नहीं होता, तो वह चरित्र हनन का रास्ता अपनाती है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भारत में डिजिटल सेंसरशिप और अभिव्यक्ति की आजादी के ये मुद्दे विशेष महत्व रखते हैं। कई प्रवासी भारतीय इसे भारत की लोकतांत्रिक छवि के वैश्विक प्रभाव के रूप में देखते हैं। जंतर-मंतर पर चल रहे इस धरने ने एक बार फिर भारत में सूचना प्रौद्योगिकी कानूनों के उपयोग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही पर नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल, सीजेपी का कहना है कि जब तक उनके डिजिटल अधिकारों को बहाल नहीं किया जाता और उनसे जुड़े सवालों के जवाब नहीं मिलते, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
संबंधित ख़बरें
राजनीति
पंजाब CM वायरल वीडियो विवाद: CCTV फुटेज और पुलिस अफसरों के बिलों से बड़ा खुलासा, भगवंत मान बोले- 'BJP खुद फंसी'
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के वायरल वीडियो मामले में नया मोड़ आया है। गुरुग्राम के एक होटल की सीसीटीवी फुटेज और पुलिस अधिकारियों के कमरे के बिल सामने आने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है।
24 जून 2026, 06:26 pm
राजनीति
खबर हटके: कहीं सड़क पर दौड़ी 'जूते वाली कार' तो कहीं सांपों के साथ रहता है पूरा गांव; आज की 5 बड़ी रोचक खबरें
दुनिया के अलग-अलग कोनों से आई ये पांच खबरें आपको हैरान कर देंगी। कहीं ₹1.50 लाख की बाइक पर ₹2.36 लाख का जुर्माना लगा है, तो कहीं लोग जहरीले सांपों के साथ घर साझा करते हैं।
24 जून 2026, 06:11 pm
राजनीति
केरल हाईकोर्ट ने केसी वेणुगोपाल के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की, माकपा नेता ए.एम. आरिफ को लगा बड़ा झटका
केरल उच्च न्यायालय ने अलप्पुझा सीट से कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल की जीत के खिलाफ माकपा नेता ए.एम. आरिफ की याचिका को कानूनी आधार की कमी के कारण खारिज कर दिया है।
24 जून 2026, 05:56 pm

