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वॉशिंगटन के वकील जैक गोल्डस्टीन ने जेल से रिहाई की मांग की; टैक्स अपराधों के मामले में अपील लंबित
ICN24 Newsroom 19 अग॰ 2026, 10:37 am

वॉशिंगटन के वकील जैक गोल्डस्टीन ने अपनी कर चोरी की सजा के खिलाफ अपील के दौरान जेल से रिहाई के लिए याचिका दायर की है, जो कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
वॉशिंगटन डीसी के एक प्रतिष्ठित वकील जैक गोल्डस्टीन ने हाल ही में अपनी सजा के खिलाफ अपील लंबित रहने तक जेल से रिहाई की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। गोल्डस्टीन को संघीय कर अपराधों (Federal Tax Crimes) के लिए दोषी ठहराया गया था, जिसके बाद उन्हें जेल की सजा सुनाई गई थी। अब उनके कानूनी दल ने तर्क दिया है कि उनकी अपील में ऐसे 'ठोस कानूनी सवाल' उठाए गए हैं, जो उनकी सजा को पलटने या नए सिरे से सुनवाई का आधार बन सकते हैं।
संघीय कानून के अनुसार, किसी भी दोषी व्यक्ति को अपील के दौरान जेल से बाहर रहने की अनुमति तभी दी जा सकती है, जब वह यह साबित कर सके कि उसके भागने का कोई खतरा नहीं है और उसकी अपील महज देरी करने की रणनीति नहीं है। गोल्डस्टीन के वकीलों का दावा है कि उनके मुवक्किल का समाज में गहरा सम्मान है और उनके भागने की कोई संभावना नहीं है। इसके साथ ही, उन्होंने दलील दी है कि निचली अदालत की सुनवाई के दौरान कुछ प्रक्रियात्मक खामियां रही थीं, जिन्हें उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है।
यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के पेशेवरों के लिए भी काफी प्रासंगिक है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों में कर कानूनों का पालन न करना न केवल भारी जुर्माने का कारण बनता है, बल्कि इससे पेशेवर लाइसेंस भी रद्द हो सकता है। सिडनी और मेलबर्न में सक्रिय भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई कानूनी और वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च आय वाले व्यक्तियों के लिए कर पारदर्शिता सर्वोपरि है। गोल्डस्टीन का मामला यह दर्शाता है कि कानून की नजर में कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली वकील क्यों न हो, अपनी जिम्मेदारियों से ऊपर नहीं है।
ऑस्ट्रेलियाई कराधान कार्यालय (ATO) भी हाल के वर्षों में विदेशी संपत्तियों और जटिल कर संरचनाओं पर कड़ी नजर रख रहा है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय, जो अक्सर सीमा पार निवेश और दोहरे कर समझौतों (DTAA) से जुड़ा रहता है, के लिए इस तरह के अदालती मामले एक चेतावनी की तरह हैं। गोल्डस्टीन की याचिका पर अदालत का निर्णय आने वाले समय में व्हाइट-कॉलर अपराधों से जुड़े अन्य मामलों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है।
फिलहाल, अभियोजन पक्ष ने गोल्डस्टीन की रिहाई का विरोध किया है, यह कहते हुए कि उनकी सजा कानून सम्मत है और अपील में कोई विशेष दम नहीं है। आने वाले हफ्तों में वॉशिंगटन की अदालत इस पर अपना फैसला सुनाएगी। तब तक गोल्डस्टीन को हिरासत में ही रहना होगा। इस मामले ने कानूनी नैतिकता और कर अनुपालन के मुद्दों पर एक नई बहस छेड़ दी है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर पेशेवर समुदायों पर पड़ना तय है।
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