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यूक्रेन ने रूसी और बेलारूसी ड्राइवरों पर प्रतिबंध हटाने के फैसले को लेकर FIA से की पुनर्विचार की अपील
ICN24 Newsroom 19 अग॰ 2026, 07:38 am
यूक्रेन के ऑटोमोबाइल महासंघ ने FIA से आग्रह किया है कि वह रूसी और बेलारूसी रेसरों को 'तटस्थ ध्वज' के तहत प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देने वाले फैसले पर फिर से विचार करें।
यूक्रेन के ऑटोमोबाइल महासंघ (FAU) ने मोटरस्पोर्ट्स की वैश्विक नियामक संस्था, फेडरेशन इंटरनेशनल डी ल'ऑटोमोबाइल (FIA), से एक कड़ा आधिकारिक अनुरोध किया है। यूक्रेन ने मांग की है कि रूस और बेलारूस के ड्राइवरों और प्रतियोगियों पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने या उनमें ढील देने के किसी भी निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में रूस और उसके सहयोगी बेलारूस की भागीदारी को लेकर बहस तेज हो गई है।
FAU के अध्यक्ष लियोनिद कोस्त्युचेंको ने FIA के अध्यक्ष मोहम्मद बिन सुलेयम को संबोधित एक पत्र में अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। यूक्रेन का तर्क है कि जब तक उनके देश पर सैन्य आक्रमण जारी है, तब तक रूसी और बेलारूसी एथलीटों को किसी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर जगह नहीं मिलनी चाहिए, चाहे वे अपने राष्ट्रीय ध्वज के बजाय 'तटस्थ ध्वज' (neutral flag) के तहत ही क्यों न खेल रहे हों। यूक्रेन का मानना है कि इन देशों के खिलाड़ियों की उपस्थिति को युद्ध के समर्थन के रूप में देखा जा सकता है।
गौरतलब है कि फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद, FIA ने शुरू में रूसी और बेलारूसी ड्राइवरों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित कर दिया था। हालांकि, बाद में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के सुझावों के अनुरूप, नियमों में कुछ ढील दी गई थी, जिससे कुछ शर्तों के साथ तटस्थता की घोषणा करने वाले ड्राइवरों को अनुमति मिलने की राह खुली थी। यूक्रेन अब इसी छूट का कड़ा विरोध कर रहा है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय और विशेष रूप से मेलबर्न जैसे शहरों में, जहां फॉर्मूला 1 ऑस्ट्रेलियन ग्रैंड प्रिक्स एक प्रमुख आयोजन है, इस मुद्दे पर कड़ी नजर रखी जा रही है। ऑस्ट्रेलिया ने हमेशा यूक्रेन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है और रूस पर सख्त प्रतिबंध लागू किए हैं। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय, जो वैश्विक राजनीति और खेल दोनों में गहरी रुचि रखता है, इस बात को लेकर विभाजित हो सकता है कि क्या खेल को राजनीति से पूरी तरह अलग रखा जाना चाहिए या क्या खेल का मैदान नैतिक जवाबदेही का स्थान होना चाहिए।
भारत का रुख इस युद्ध पर हमेशा से कूटनीतिक संतुलन बनाने वाला रहा है, लेकिन वैश्विक मोटरस्पोर्ट्स में भारतीय ड्राइवरों की बढ़ती भागीदारी के कारण अंतरराष्ट्रीय नियमों में कोई भी बदलाव भारतीय रेसरों के लिए भी प्रतिस्पर्धी माहौल को प्रभावित करता है। यदि FIA यूक्रेन की मांग मान लेती है, तो इससे कई रेसिंग सीरीज की ग्रिड संरचना बदल सकती है। फिलहाल, FIA ने इस ताजा अपील पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन मोटरस्पोर्ट्स की दुनिया इस संभावित बदलाव को लेकर सस्पेंस में है।
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