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अमेरिकी वीजा बुलेटिन जुलाई: भारतीय नौकरीपेशा लोगों को बड़ा झटका, ग्रीन कार्ड की राह हुई और कठिन

ICN24 Newsroom 21 जून 2026, 01:41 am
अमेरिकी वीजा बुलेटिन जुलाई: भारतीय नौकरीपेशा लोगों को बड़ा झटका, ग्रीन कार्ड की राह हुई और कठिन

जुलाई 2024 के अमेरिकी वीजा बुलेटिन ने भारतीय आवेदकों की चिंता बढ़ा दी है। EB-2 श्रेणी में ठहराव और EB-5 के अनुपलब्ध होने से ग्रीन कार्ड का इंतजार और लंबा हो गया है।

अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी जुलाई 2024 के वीजा बुलेटिन ने उन हजारों भारतीय पेशेवरों के लिए निराशाजनक संकेत दिए हैं जो लंबे समय से ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास) का इंतजार कर रहे हैं। नवीनतम अपडेट के अनुसार, रोजगार-आधारित दूसरी श्रेणी (EB-2) और अनरिजर्व्ड निवेश श्रेणी (EB-5) में भारतीय आवेदकों के लिए स्थितियां जस की तस बनी हुई हैं या फिर और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई हैं। हालांकि, EB-3 और EB-4 श्रेणियों में बहुत मामूली सुधार देखा गया है, जो प्रतीक्षा सूची में खड़े कुछ आवेदकों के लिए राहत की छोटी किरण हो सकती है। विस्तृत विश्लेषण के अनुसार, भारतीय आवेदकों के लिए EB-2 श्रेणी की 'फाइनल एक्शन डेट' 15 जुलाई, 2012 पर स्थिर बनी हुई है। इसका अर्थ है कि इस तिथि के बाद आवेदन करने वाले भारतीय पेशेवर फिलहाल अपनी प्रक्रिया को आगे बढ़ते हुए नहीं देख पाएंगे। EB-2 श्रेणी मुख्य रूप से उन पेशेवरों के लिए है जिनके पास उन्नत डिग्रियां हैं या जिनके पास विज्ञान, कला या व्यवसाय में असाधारण क्षमता है। भारत से आवेदकों की भारी संख्या और प्रति-देश कोटा की सीमाओं के कारण, इस श्रेणी में प्रतीक्षा अवधि दशकों तक खिंच गई है। एक और बड़ा झटका EB-5 श्रेणी के अनरिजर्व्ड कोटा (C5, T5, I5, R5) में लगा है। बुलेटिन के अनुसार, जुलाई महीने के लिए यह श्रेणी 'अनअवेलेबल' (अनुपलब्ध) घोषित कर दी गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि इस वित्त वर्ष के लिए आवंटित वीजा कोटा समाप्त हो चुका है और अब नए वीजा जारी करने के लिए अगले वित्त वर्ष (अक्टूबर) का इंतजार करना होगा। यह उन निवेशकों के लिए चिंता का विषय है जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था में पूंजी लगाकर स्थायी निवास पाने की उम्मीद कर रहे थे। राहत की बात केवल EB-3 श्रेणी में देखी गई है, जहाँ स्किल्ड वर्कर्स और प्रोफेशनल्स के लिए कट-ऑफ तारीख में लगभग एक महीने की बढ़त हुई है। अब यह तारीख 22 सितंबर 2012 हो गई है। इसी तरह, EB-4 (विशेष प्रवासी) श्रेणी में भी कुछ हफ़्तों का सुधार देखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामूली बढ़त उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपनी प्राथमिकता तिथि (Priority Date) के बिल्कुल करीब पहुंच चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर मायने रखती है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले कई भारतीय मूल के पेशेवर, जो वर्तमान में आईटी या इंजीनियरिंग क्षेत्र में कार्यरत हैं, अक्सर 'ई-3' (E-3) वीजा या ग्रीन कार्ड के माध्यम से अमेरिका जाने का विकल्प तलाशते रहते हैं। अमेरिका की कठोर इमिग्रेशन नीतियों और लंबे बैकलाग के कारण, अब अधिक से अधिक भारतीय पेशेवर ऑस्ट्रेलिया की स्थायी नागरिकता (PR) को प्राथमिकता दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी वीजा नीतियों में अनिश्चितता के कारण ग्लोबल टैलेंट अब ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों की ओर अधिक आकर्षित हो रहा है जहाँ इमिग्रेशन प्रक्रिया तुलनात्मक रूप से अधिक पारदर्शी और तेज है। आगामी महीनों में वीजा बुलेटिन में बड़े बदलाव की उम्मीद कम ही जताई जा रही है, क्योंकि अमेरिकी वित्त वर्ष समाप्ति की ओर है। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने इमिग्रेशन वकीलों के संपर्क में रहें और 'डेट्स फॉर फाइलिंग' चार्ट पर नजर रखें, जो कभी-कभी फाइनल एक्शन डेट से पहले दस्तावेज जमा करने की अनुमति देता है।
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