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डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद अमेरिका ने ईरान में 'कई ठिकानों' पर किए हमले

ICN24 Newsroom 10 जून 2026, 11:30 pm
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद अमेरिका ने ईरान में 'कई ठिकानों' पर किए हमले

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान में कई सामरिक ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है।

अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर कई सैन्य और सामरिक ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई उस कड़ी चेतावनी के कुछ ही समय बाद हुई है, जिसमें उन्होंने तेहरान से युद्ध समाप्त करने के लिए एक नए समझौते पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया था। पेंटागन के अनुसार, ये हमले उन खतरों के जवाब में किए गए हैं जो हाल के दिनों में अमेरिकी हितों और उसके सहयोगियों के लिए चिंता का विषय बने हुए थे। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई से पहले सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया था कि ईरान के पास शांति की मेज पर आने का यह आखिरी मौका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका क्षेत्रीय अस्थिरता को और बर्दाश्त नहीं करेगा। ट्रंप का रुख स्पष्ट रहा है कि वे ईरान के साथ एक ऐसा नया समझौता चाहते हैं जो न केवल परमाणु कार्यक्रमों को रोके, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय उनके समर्थित मिलिशिया समूहों पर भी लगाम लगाए। भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के लिए यह घटनाक्रम काफी चिंताजनक है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए इसके सीधे आर्थिक और कूटनीतिक निहितार्थ हो सकते हैं। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल की कीमतों में उछाल आने की संभावना है, जिसका असर ऑस्ट्रेलिया में ईंधन की कीमतों और भारतीय अर्थव्यवस्था की आयात लागत पर पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, ऑस्ट्रेलिया के व्यापक भारतीय प्रवासी समुदाय के कई सदस्य खाड़ी देशों में कार्यरत हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की परिचालन क्षमता को सीमित करना है। हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक किसी बड़ी जवाबी कार्रवाई की खबर नहीं आई है, लेकिन तेहरान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि क्या यह संघर्ष एक पूर्ण युद्ध का रूप लेगा या ईरान समझौते के लिए दबाव में आएगा। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। कैनबरा में विदेश नीति के जानकारों का कहना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता के लिए मध्य पूर्व का शांत रहना आवश्यक है। भारतीय विदेश मंत्रालय भी स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में लाखों भारतीय नागरिक रहते हैं और उनकी सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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