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भारत के लिए अमेरिकी EB-5 वीजा का कोटा समाप्त: अब अक्टूबर 2026 तक करना होगा इंतजार

ICN24 Newsroom 13 जून 2026, 02:01 am
भारत के लिए अमेरिकी EB-5 वीजा का कोटा समाप्त: अब अक्टूबर 2026 तक करना होगा इंतजार

अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की है कि भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध सभी EB-5 वीजा जारी किए जा चुके हैं, जिससे अब नए आवेदकों को लंबी प्रतीक्षा सूची का सामना करना पड़ेगा।

अमेरिकी विदेश विभाग ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2024 के लिए भारतीय नागरिकों हेतु निर्धारित सभी EB-5 अनरक्षित (Unreserved) वीजा जारी कर दिए गए हैं। 5 जून तक की स्थिति के अनुसार, इस श्रेणी में अब कोई भी वीजा उपलब्ध नहीं है, जिसका अर्थ है कि भारतीय आवेदकों को अब नए आवंटन के लिए लंबा इंतजार करना होगा। इमिग्रेशन विशेषज्ञों के अनुसार, इस कोटे के समाप्त होने का सीधा प्रभाव उन भारतीय निवेशकों पर पड़ेगा जो 'रोजगार सृजन' के माध्यम से अमेरिकी स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) प्राप्त करने की योजना बना रहे थे। अब नए आवेदकों या वर्तमान प्रतीक्षा सूची में शामिल लोगों के लिए प्राथमिकता तिथि (Priority Date) अक्टूबर 2026 तक खिसक सकती है। EB-5 वीजा कार्यक्रम उन विदेशी निवेशकों को अमेरिका में बसने की अनुमति देता है जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था में कम से कम $800,000 का निवेश करते हैं और कम से कम 10 पूर्णकालिक नौकरियां पैदा करते हैं। भारत ऐतिहासिक रूप से इस कार्यक्रम का एक प्रमुख लाभार्थी रहा है, लेकिन उच्च मांग के कारण प्रति-देश (per-country) सीमा अक्सर समाप्त हो जाती है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है। कई भारतीय पेशेवर जो वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में स्थायी निवासी या नागरिक हैं, वे अक्सर अपने व्यापार विस्तार या परिवार के बेहतर भविष्य के लिए अमेरिका को एक वैकल्पिक निवेश गंतव्य के रूप में देखते हैं। अमेरिका में वीजा की इस कमी के कारण, अब निवेशक अन्य विकल्पों जैसे ऑस्ट्रेलिया के बिजनेस इनोवेशन और इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम (BIIP) या अन्य यूरोपीय देशों के गोल्डन वीजा की ओर रुख कर सकते हैं। अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट किया है कि यह केवल अनरक्षित श्रेणी के लिए है। 'सेट-असाइड' (Set-aside) श्रेणियां, जिनमें ग्रामीण क्षेत्र, उच्च बेरोजगारी वाले क्षेत्र और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं, उनमें अभी भी कुछ अवसर शेष हो सकते हैं। हालांकि, मुख्यधारा के शहरी निवेशों के लिए रास्ता फिलहाल बंद नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग इस प्रक्रिया में पहले से ही आगे बढ़ चुके हैं, उनके लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है क्योंकि बैकहॉग के कारण प्रतीक्षा समय में कई वर्षों की वृद्धि होने की संभावना है। यह स्थिति 1 अक्टूबर 2024 से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष तक बनी रहेगी, हालांकि वास्तविक बैकलॉग को देखते हुए प्रभावी रूप से राहत 2026 तक ही मिलने की उम्मीद है।
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