लाइव
राजनीति
राजनीति

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी न्याय विभाग ने 'बर्थ टूरिज्म' के खिलाफ कड़ा किया रुख

ICN24 Newsroom 1 जुल॰ 2026, 09:11 am
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी न्याय विभाग ने 'बर्थ टूरिज्म' के खिलाफ कड़ा किया रुख

अमेरिकी न्याय विभाग ने 'बर्थ टूरिज्म' रैकेट के खिलाफ जांच तेज कर दी है, जो विदेशी नागरिकों को नागरिकता दिलाने के लिए अमेरिका में बच्चे पैदा करने की सुविधा देते थे।

अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने देश में फल-फूल रहे 'बर्थ टूरिज्म' (Birth Tourism) के अवैध व्यापार के खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू किया है। सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले के बाद, संघीय अधिकारियों को अब उन संस्थाओं और व्यक्तियों पर नकेल कसने की अधिक शक्ति मिल गई है, जो विदेशी गर्भवती महिलाओं को पर्यटन वीजा पर अमेरिका लाने और वहां बच्चे को जन्म देकर अमेरिकी नागरिकता दिलाने का प्रलोभन देते हैं। बर्थ टूरिज्म एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें विदेशी नागरिक अस्थायी वीजा पर संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा करते हैं, ताकि उनका बच्चा वहां पैदा हो और उसे स्वचालित रूप से अमेरिकी नागरिकता मिल सके। हालांकि अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चे को नागरिकता मिलना संवैधानिक प्रावधान है, लेकिन न्याय विभाग का कहना है कि इसके लिए धोखाधड़ी से वीजा प्राप्त करना और अधिकारियों से तथ्य छिपाना एक गंभीर संघीय अपराध है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने संघीय सरकार के उस अधिकार को मजबूत किया है जिसके तहत वह उन लोगों को दंडित कर सकती है जो विदेशियों को अवैध रूप से देश में रहने या नागरिकता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। न्याय विभाग विशेष रूप से उन 'मैटरनिटी होटलों' और एजेंटों को निशाना बना रहा है जो हजारों डॉलर लेकर महिलाओं को वीजा इंटरव्यू के लिए झूठ बोलना सिखाते हैं और चिकित्सा सेवाओं के बिलों का भुगतान न करने की सलाह देते हैं। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। भारतीय डायस्पोरा के कई परिवारों के रिश्तेदार अमेरिका में बसे हैं और वैश्विक प्रवास के बदलते नियमों का असर अक्सर भारतीय मूल के लोगों की यात्रा और वीजा प्रक्रियाओं पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सख्ती के बाद, अमेरिका के लिए बी-1/बी-2 (पर्यटक) वीजा आवेदन करने वाली गर्भवती महिलाओं को अब अधिक कड़े सवालों और जांच का सामना करना पड़ सकता है। न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल नागरिकता के अधिकार के बारे में नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आव्रजन प्रणाली की अखंडता बनाए रखने के बारे में भी है। कई मामलों में देखा गया है कि इन रैकेटों का संचालन करने वाले लोग वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों में भी शामिल पाए गए हैं। आने वाले महीनों में, अमेरिकी दूतावासों में वीजा स्क्रीनिंग और अधिक सख्त होने की संभावना है। कानूनी विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी भी प्रकार के आव्रजन लाभ के लिए धोखाधड़ी का सहारा लेना भविष्य में अमेरिका में प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध लगा सकता है। ICN24 समुदाय को सलाह देता है कि वे केवल आधिकारिक और वैध कानूनी रास्तों का ही चयन करें।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

अमेरिकी चुनाव: 'ब्लू वेव' के दावों के बीच रिपब्लिकन को जनमत सर्वेक्षणों से सावधान रहने की सलाह
राजनीति

अमेरिकी चुनाव: 'ब्लू वेव' के दावों के बीच रिपब्लिकन को जनमत सर्वेक्षणों से सावधान रहने की सलाह

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत के दावों के बीच, विशेषज्ञों ने रिपब्लिकन पार्टी को 'जेनेरिक पोल' के आंकड़ों को नजरअंदाज करने और स्थानीय मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह दी है।

1 जुल॰ 2026, 09:41 am
ऋषिकेश: आईडीपीएल मैदान में मनेगा 'सेवा सप्ताह', सरकार के पांच साल पूरे होने पर भव्य आयोजन की तैयारी
राजनीति

ऋषिकेश: आईडीपीएल मैदान में मनेगा 'सेवा सप्ताह', सरकार के पांच साल पूरे होने पर भव्य आयोजन की तैयारी

उत्तराखंड सरकार के पांच साल पूरे होने के उपलक्ष्य में ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान में 'सेवा सप्ताह' का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें जन सेवा और विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

1 जुल॰ 2026, 09:26 am
ईरान ने यूरोपीय देशों को नहीं भेजा सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार का न्योता; विदेश मंत्रालय ने दी सफाई
राजनीति

ईरान ने यूरोपीय देशों को नहीं भेजा सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार का न्योता; विदेश मंत्रालय ने दी सफाई

ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच, तेहरान ने यूरोपीय राजदूतों को सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों से बाहर रखा है।

1 जुल॰ 2026, 08:56 am