लाइव
विज्ञापन
Demo Interstitial - Migration Consultancy
इमिकास्ट
इमिकास्ट

ब्रिटेन की उप-प्रधानमंत्री ने कहा: किशोर की हत्या के लिए प्रवासन को जिम्मेदार ठहराना गलत

ICN24 Newsroom 8 जून 2026, 02:00 pm
ब्रिटेन की उप-प्रधानमंत्री ने कहा: किशोर की हत्या के लिए प्रवासन को जिम्मेदार ठहराना गलत

ब्रिटेन की उप-प्रधानमंत्री एंजेला रेनर ने एक किशोर की हत्या के मामले में प्रवासन को जोड़ने वाले बयानों की आलोचना की है और शांति की अपील की है।

ब्रिटेन की उप-प्रधानमंत्री एंजेला रेनर ने हाल ही में हुई एक दुखद घटना के बाद प्रवासन (इमिग्रेशन) और अपराध के बीच संबंध जोड़ने वाले बयानों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। रेनर ने स्पष्ट किया है कि एक किशोर की हत्या के मामले में प्रवासन की नीति को दोष देना न केवल तथ्यात्मक रूप से गलत है, बल्कि यह समाज में नफरत फैलाने की एक खतरनाक कोशिश भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि हम अफवाहों पर ध्यान न दें। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ब्रिटेन के कुछ हिस्सों में इस घटना को लेकर तनाव बढ़ गया था। सोशल मीडिया पर कुछ दक्षिणपंथी गुटों और आलोचकों ने इस हत्या के लिए सरकार की उदार प्रवासन नीतियों को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया था। उप-प्रधानमंत्री ने इसे 'अत्यधिक गैर-जिम्मेदाराना' करार देते हुए कहा कि पुलिस अपनी जांच कर रही है और किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले न्याय प्रणाली पर भरोसा करना चाहिए। एंजेला रेनर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि समुदायों के बीच फूट डालना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि अपराध एक सामाजिक समस्या है जिसे कानून के जरिए निपटाया जाना चाहिए, न कि किसी विशेष समुदाय या प्रवासियों के समूह को निशाना बनाकर। ब्रिटेन सरकार ने उन लोगों को भी चेतावनी दी है जो हिंसा भड़काने के लिए ऑनलाइन दुष्प्रचार का सहारा ले रहे हैं। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के संदर्भ में देखें तो यह मुद्दा अत्यंत प्रासंगिक है। ऑस्ट्रेलिया में भी प्रवासन और अपराध दर को लेकर अक्सर राजनीतिक बहस छिड़ती रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन की यह स्थिति दिखाती है कि कैसे गलत सूचनाएं (मिसइन्फॉर्मेशन) बहुसांस्कृतिक समाज के ताने-बाने को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोग, जो वहां के विकास में अहम योगदान देते हैं, अक्सर ऐसे माहौल में असुरक्षित महसूस करते हैं। रेनर के इस रुख का मानवाधिकार संगठनों ने स्वागत किया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह प्रवासियों के खिलाफ बढ़ रही घृणापूर्ण बयानबाजी (हेट स्पीच) को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए। ब्रिटिश सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि वह देश की सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की हिंसा या दंगों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

यूएई में भारतीय पासपोर्ट और वीजा सेवाओं पर 5 दिनों का विराम, 26 जून से सेवाएं रहेंगी निलंबित
इमिग्रेशन

यूएई में भारतीय पासपोर्ट और वीजा सेवाओं पर 5 दिनों का विराम, 26 जून से सेवाएं रहेंगी निलंबित

यूएई में भारतीय मिशनों ने पासपोर्ट और वीजा सेवाओं में बदलाव की घोषणा की है। 26 से 30 जून तक सेवाएं बंद रहेंगी और 1 जुलाई से नया प्रदाता कार्यभार संभालेगा।

20 जून 2026, 12:23 pm
ईरान की फीफा से शिकायत: विश्व कप के दौरान अमेरिकी यात्रा प्रतिबंधों पर जताया कड़ा विरोध
इमिग्रेशन

ईरान की फीफा से शिकायत: विश्व कप के दौरान अमेरिकी यात्रा प्रतिबंधों पर जताया कड़ा विरोध

ईरानी फुटबॉल महासंघ ने 2026 विश्व कप के दौरान अमेरिका की वीजा पाबंदियों के खिलाफ फीफा में शिकायत दर्ज करने की घोषणा की है। कोच ने टीम को 'सबसे उत्पीड़ित' बताया।

20 जून 2026, 12:09 pm
कैलाश मानसरोवर यात्रा: सरकार ने नाथू ला और लिपुलेख ला चेक पोस्ट को दी आधिकारिक मंजूरी
इमिग्रेशन

कैलाश मानसरोवर यात्रा: सरकार ने नाथू ला और लिपुलेख ला चेक पोस्ट को दी आधिकारिक मंजूरी

भारत सरकार ने 20 जून से शुरू होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सिक्किम के नाथू ला और उत्तराखंड के लिपुलेख ला को अस्थायी आव्रजन चौकियों के रूप में अधिसूचित किया है।

20 जून 2026, 11:52 am
Original text
Rate this translation
Your feedback will be used to help improve Google Translate