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पहाड़ हैं, पब नहीं: हिमालय में शोर मचाने वाले पर्यटकों पर भड़की महिला, वीडियो हुआ वायरल

ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 08:01 pm
पहाड़ हैं, पब नहीं: हिमालय में शोर मचाने वाले पर्यटकों पर भड़की महिला, वीडियो हुआ वायरल

हिमालय की शांत वादियों में तेज संगीत बजाने वाले पर्यटकों को बेंगलुरु की एक महिला ने जमकर फटकार लगाई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

हिमालय की ऊंची चोटियों और शांत वादियों में शांति की तलाश करने वाले पर्यटकों और वहां हुड़दंग मचाने वालों के बीच एक बार फिर टकराव देखने को मिला है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बेंगलुरु की एक महिला ट्रैकर उन पर्यटकों पर अपना गुस्सा जाहिर करती नजर आ रही हैं, जो पहाड़ों के बीच तेज आवाज में म्यूजिक बजा रहे थे। महिला ने साफ शब्दों में कहा कि यह 'पहाड़ हैं, कोई पब नहीं', जहां आप शांति भंग करें। वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि महिला पर्यटकों के एक समूह को टोकते हुए कह रही हैं कि प्रकृति का आनंद शांत रहकर लेना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोग शहरों के शोर-शराबे से दूर सुकून पाने के लिए हिमालय आते हैं, लेकिन कुछ लोगों के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण पारिस्थितिकी और शांति दोनों प्रभावित हो रही हैं। इस वीडियो ने इंटरनेट पर नागरिक बोध (Civic Sense) और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। यह घटना केवल हिमालय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर पर्यटन के गिरते स्तर की ओर इशारा करती है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह विषय प्रासंगिक है। अक्सर देखा गया है कि मेलबर्न या सिडनी के पास स्थित 'ब्लू माउंटेन्स' या 'ग्रेट ओशन रोड' जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों के व्यवहार को लेकर चिंताएं जताई जाती रही हैं। जिम्मेदार पर्यटन का अर्थ केवल कचरा न फैलाना ही नहीं, बल्कि उस स्थान की गरिमा और शांति बनाए रखना भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया की 'रील्स' संस्कृति ने पर्यटन के स्वरूप को बदल दिया है। लोग अब प्रकृति के साथ समय बिताने के बजाय शोर-शराबे और दिखावे को प्राथमिकता दे रहे हैं। पहाड़ों में तेज संगीत न केवल अन्य पर्यटकों को परेशान करता है, बल्कि स्थानीय वन्यजीवों के लिए भी हानिकारक साबित होता है। इस वीडियो को साझा करने वाले कई लोगों ने मांग की है कि प्रमुख ट्रैकिंग रूट्स और संवेदनशील क्षेत्रों में 'साइलेंस ज़ोन' के नियम कड़ाई से लागू किए जाने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस वीडियो को लाखों बार देखा जा चुका है और नेटिजन्स इसे अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। जहां कुछ लोग महिला के कड़े रुख का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ का कहना है कि पर्यटन स्थलों पर मनोरंजन की अनुमति होनी चाहिए। हालांकि, बहुमत का मानना है कि व्यक्तिगत मनोरंजन दूसरों की शांति की कीमत पर नहीं होना चाहिए। यह घटना याद दिलाती है कि हम जहां भी जाएं, वहां की संस्कृति और शांति का सम्मान करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
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