लाइव
ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया

न्यूयॉर्क में सफलता का परचम लहराने वाले ऑस्ट्रेलियाई शेफ बुद्धा लो: गुमनाम नायक से 'टॉप शेफ' बनने तक का सफर

ICN24 Newsroom 11 जुल॰ 2026, 06:31 pm
न्यूयॉर्क में सफलता का परचम लहराने वाले ऑस्ट्रेलियाई शेफ बुद्धा लो: गुमनाम नायक से 'टॉप शेफ' बनने तक का सफर

पोर्ट डगलस से न्यूयॉर्क के विलासितापूर्ण रेस्तरां तक, शेफ बुद्धा लो की कहानी कड़ी मेहनत और अटूट दृढ़ संकल्प की मिसाल है।

न्यूयॉर्क की चकाचौंध भरी गलियों में जहां दुनिया भर के हुनरमंद अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करते हैं, वहां एक ऑस्ट्रेलियाई मूल के शेफ ने अपनी एक ऐसी जगह बनाई है, जिसे देख कर पूरी दुनिया दंग है। बुद्धा लो, जो क्वींसलैंड के पोर्ट डगलस के रहने वाले हैं, आज न्यूयॉर्क के सबसे सफल ऑस्ट्रेलियाई चेहरों में से एक हैं, हालांकि उनकी विनम्रता उन्हें सुर्खियों से दूर रखती है। दो बार प्रतिष्ठित रियलिटी शो 'टॉप शेफ' (Top Chef) के विजेता रहे लो का कहना है कि उनकी यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे असफलताओं और कड़े संघर्षों का एक लंबा सिलसिला है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए बुद्धा लो की कहानी विशेष रूप से प्रेरणादायक है। जिस तरह कई भारतीय परिवार ऑस्ट्रेलिया में बसकर अपनी पहचान बनाते हैं, वैसे ही बुद्धा लो का जन्म भी एक प्रवासी परिवार में हुआ था। उनके पिता हांगकांग से ऑस्ट्रेलिया आए थे और पोर्ट डगलस में एक चीनी रेस्तरां चलाते थे। बचपन से ही अपने पिता के काम को करीब से देखने वाले बुद्धा ने 12 साल की उम्र में ही तय कर लिया था कि वे दुनिया के सबसे बेहतरीन शेफ बनेंगे। यह प्रवासी कार्य नैतिकता (immigrant work ethic) ही है जो उन्हें आज वैश्विक मंच पर अलग पहचान दिलाती है। बुद्धा लो की यात्रा आसान नहीं थी। न्यूयॉर्क आने से पहले उन्होंने लंदन में गॉर्डन रामसे जैसे दिग्गज शेफ के साथ काम किया, जहां उन्होंने रसोई के कड़े अनुशासन और उत्कृष्टता को समझा। उनकी सफलता की चमक के पीछे कई ऐसी कहानियां हैं जहां उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। लो का मानना है कि उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी विफलताएं रही हैं। वे कहते हैं कि लोग अक्सर केवल अंतिम परिणाम देखते हैं, लेकिन उन अनगिनत घंटों और असफल प्रयोगों को नहीं देखते जो एक सफल डिश के पीछे होते हैं। वर्तमान में न्यूयॉर्क के 'हुसो' (Huso) रेस्तरां में कार्यकारी शेफ के रूप में कार्यरत बुद्धा लो न केवल अपनी पाक कला के लिए जाने जाते हैं, बल्कि वे उस ऑस्ट्रेलियाई भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं जो साहस और सरलता पर आधारित है। उनकी जीत ने यह साबित कर दिया है कि एक छोटे शहर से निकलकर भी कोई व्यक्ति न्यूयॉर्क जैसे प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी जगह बना सकता है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय, जो शिक्षा और पेशेवर कौशल को अत्यधिक महत्व देता है, के लिए लो की कहानी एक सबक है कि पारंपरिक पेशों से इतर भी कला और रचनात्मकता के क्षेत्र में विश्व स्तर पर नाम कमाया जा सकता है। उनकी सफलता का राज केवल स्वाद में नहीं, बल्कि विस्तार पर उनके सूक्ष्म ध्यान और कभी न हार मानने वाले रवैये में छिपा है। बुद्धा लो आज उन सभी प्रवासियों के लिए एक उम्मीद की किरण हैं जो विदेशी धरती पर अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

पीटर फाल्कनियो हत्याकांड: हत्यारे ब्रैडली मर्डोक ने कब्र तक बरकरार रखा राज, पुलिस ने जारी किया अंतिम फुटेज
ऑस्ट्रेलिया

पीटर फाल्कनियो हत्याकांड: हत्यारे ब्रैडली मर्डोक ने कब्र तक बरकरार रखा राज, पुलिस ने जारी किया अंतिम फुटेज

ब्रिटिश बैकपैकर पीटर फाल्कनियो की हत्या के दोषी ब्रैडली मर्डोक ने अपनी मौत से पहले शरीर का पता बताने से इनकार कर दिया। पुलिस द्वारा जारी नए वीडियो में उसका पछतावे के बजाय आत्म-दया वाला व्यवहार सामने आया है।

11 जुल॰ 2026, 07:31 pm
होर्मुज जलडमरूमध्य: अमेरिका को ईरान से सार्वजनिक आश्वासन की उम्मीद, वैश्विक व्यापार पर टिकी नजरें
ऑस्ट्रेलिया

होर्मुज जलडमरूमध्य: अमेरिका को ईरान से सार्वजनिक आश्वासन की उम्मीद, वैश्विक व्यापार पर टिकी नजरें

अमेरिका को उम्मीद है कि ईरान जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला रखने का सार्वजनिक बयान देगा, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और ऑस्ट्रेलिया में ईंधन की कीमतों पर असर पड़ेगा।

11 जुल॰ 2026, 05:31 pm
2026 फीफा वर्ल्ड कप: फाइनल मैच के मैदान की घास भी होगी नीलाम, फीफा की कमाई की नई योजना
ऑस्ट्रेलिया

2026 फीफा वर्ल्ड कप: फाइनल मैच के मैदान की घास भी होगी नीलाम, फीफा की कमाई की नई योजना

फीफा 2026 विश्व कप फाइनल के पिच की घास बेचने की तैयारी कर रहा है। खेल के व्यावसायीकरण की दिशा में इसे एक बड़ा और अनोखा कदम माना जा रहा है।

11 जुल॰ 2026, 04:31 pm