राजनीति
तमिलनाडु विधानसभा में NEET के खिलाफ प्रस्ताव पारित: 'कोचिंग माफिया' और छात्रों की सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल
ICN24 Newsroom 12 अग॰ 2026, 01:37 am
तमिलनाडु सरकार ने नीट परीक्षा को खत्म करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पास किया है, जिसमें पेपर लीक और छात्रों के मानसिक दबाव को मुख्य कारण बताया गया है।
चेन्नई: भारत में चिकित्सा शिक्षा के लिए आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर उपजा विवाद एक बार फिर गहरा गया है। तमिलनाडु विधानसभा ने सोमवार को सर्वसम्मति से केंद्र सरकार से नीट परीक्षा को पूरी तरह समाप्त करने और राज्यों को उनके अपने मानदंडों के आधार पर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने की अनुमति देने का आग्रह करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। यह कदम हाल ही में नीट-यूजी 2024 परीक्षा में कथित पेपर लीक और प्रशासनिक अनियमितताओं की खबरों के बीच उठाया गया है, जिसने देश भर में छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी असंतोष पैदा कर दिया है।
प्रस्ताव पेश करते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि नीट परीक्षा केवल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, बल्कि यह अमीर और गरीब के बीच की खाई को भी बढ़ा रही है। विधानसभा में चर्चा के दौरान 'कोचिंग माफिया' का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सरकार का तर्क है कि नीट ने एक ऐसे बाजार को जन्म दिया है जहां केवल वे ही छात्र सफल हो सकते हैं जो महंगी कोचिंग फीस देने में सक्षम हैं। इसके चलते ग्रामीण और गरीब पृष्ठभूमि के मेधावी छात्र पीछे छूट रहे हैं, जो भारतीय शिक्षा प्रणाली के समावेशी ढांचे के खिलाफ है।
तमिलनाडु सरकार पिछले कई वर्षों से नीट का मुखर विरोध कर रही है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में राज्य का तर्क रहा है कि शिक्षा राज्य सूची का विषय होनी चाहिए और केंद्र द्वारा थोपी गई एकसमान परीक्षा राज्यों के अधिकारों का हनन है। सदन में भावुक होते हुए कई सदस्यों ने छात्रों की आत्महत्याओं का जिक्र किया। हाल के वर्षों में, तमिलनाडु में कई छात्रों ने परीक्षा के दबाव और असफलता के डर से अपनी जान दे दी है। सरकार का मानना है कि नीट ने छात्रों पर अनावश्यक मानसिक बोझ डाला है, जिससे एक स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण के बजाय प्रतिस्पर्धी दबाव का निर्माण हुआ है।
इस घटनाक्रम का महत्व केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी यह चर्चा का विषय है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे कई भारतीय मूल के परिवार, जो अपने बच्चों के लिए भारत में चिकित्सा शिक्षा के विकल्प तलाशते हैं, इस अस्थिरता को लेकर चिंतित हैं। प्रवासी समुदाय के बीच अक्सर यह चर्चा होती है कि क्या भारत की चिकित्सा प्रवेश प्रक्रिया अभी भी पारदर्शी और निष्पक्ष है। पेपर लीक की घटनाओं ने उन एनआरआई (NRI) परिवारों के भरोसे को भी झटका दिया है जो भारत के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों को वैश्विक स्तर का मानते हैं।
विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा, हालांकि प्रस्ताव के मूल उद्देश्य पर अधिकांश दल एकमत दिखे। जानकारों का मानना है कि तमिलनाडु का यह कड़ा रुख अन्य राज्यों को भी केंद्र की केंद्रीकृत परीक्षा प्रणालियों पर सवाल उठाने के लिए प्रेरित कर सकता है। फिलहाल, यह प्रस्ताव राज्यपाल के माध्यम से केंद्र सरकार और राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। अब गेंद केंद्र के पाले में है कि वह राज्य की इन चिंताओं और देश भर में नीट को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या रुख अपनाती है।
संबंधित ख़बरें
राजनीति
ओडिशा डीजीपी नियुक्ति प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: पुलिस सुधारों पर छिड़ी नई बहस
सुप्रीम कोर्ट ओडिशा में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा। यह मामला पुलिस सुधारों और पारदर्शिता से जुड़ा है।
12 अग॰ 2026, 01:39 am

राजनीति
विजेंद्र और रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली विधानसभा में 'तिरंगा यात्रा' का आयोजन; देशभक्ति के रंग में रंगा परिसर
दिल्ली विधानसभा में विजेंद्र गुप्ता और रेखा गुप्ता के नेतृत्व में भव्य 'तिरंगा यात्रा' निकाली गई। 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रवाद और एकता का संदेश दिया गया।
12 अग॰ 2026, 12:38 am

राजनीति
दिल्ली विधानसभा में 'तिरंगा यात्रा' के साथ गूँजा देशभक्ति का स्वर; विजेंद्र और रेखा गुप्ता ने किया नेतृत्व
दिल्ली विधानसभा में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें नेताओं ने राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
12 अग॰ 2026, 12:37 am

