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स्विट्जरलैंड: 1 करोड़ की जनसंख्या सीमा का प्रस्ताव खारिज, व्यापार जगत ने ली राहत की सांस
ICN24 Newsroom 15 जून 2026, 09:01 am

स्विस मतदाताओं ने देश की जनसंख्या को एक करोड़ तक सीमित करने के विवादित प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिससे यूरोपीय संघ के साथ संबंधों में स्थिरता आएगी।
स्विट्जरलैंड के मतदाताओं ने एक ऐतिहासिक जनमत संग्रह में उस प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है, जिसमें देश की जनसंख्या को एक करोड़ (10 मिलियन) तक सीमित करने की मांग की गई थी। इस फैसले ने न केवल स्विट्जरलैंड के व्यापारिक घरानों को बड़ी राहत दी है, बल्कि प्रवासन पर कड़ा रुख अपनाने वाले दक्षिणपंथी समूहों को करारा झटका भी दिया है। यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता, तो सरकार को प्रवासन पर सख्त प्रतिबंध लगाने और संभावित रूप से यूरोपीय संघ (EU) के साथ मुक्त आवाजाही के समझौतों को समाप्त करने के लिए मजबूर होना पड़ता।
रविवार को हुए इस मतदान में लगभग 63 प्रतिशत मतदाताओं ने 'नो' पक्ष में मतदान किया। इस जनमत संग्रह की पहल दक्षिणपंथी स्विस पीपुल्स पार्टी (SVP) द्वारा की गई थी, जिनका तर्क था कि बढ़ती जनसंख्या के कारण देश के बुनियादी ढांचे, पर्यावरण और आवास संसाधनों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है। हालांकि, देश के प्रमुख उद्योगों, अस्पतालों और होटल व्यवसायियों ने चेतावनी दी थी कि श्रम की कमी के कारण अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय और वैश्विक प्रवासियों के संदर्भ में यह निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिस तरह ऑस्ट्रेलिया में कौशल की कमी को पूरा करने के लिए प्रवासी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उसी तरह स्विट्जरलैंड की अर्थव्यवस्था भी विदेशी पेशेवरों पर निर्भर है। यदि स्विट्जरलैंड अपनी सीमाओं को बंद करने का निर्णय लेता, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेशेवर गतिशीलता और प्रवासी समुदायों के प्रति दृष्टिकोण पर पड़ता। ऑस्ट्रेलिया में भी अक्सर जनसंख्या वृद्धि और बुनियादी ढांचे के बीच संतुलन पर बहस होती है, और स्विस जनमत संग्रह का यह परिणाम दिखाता है कि विकसित अर्थव्यवस्थाएं आर्थिक विकास के लिए कार्यबल के महत्व को प्राथमिकता दे रही हैं।
स्विस फेडरेशन ऑफ चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ने इस परिणाम का स्वागत करते हुए कहा कि यह देश की समृद्धि के लिए एक आवश्यक कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से यूरोपीय संघ के साथ स्विट्जरलैंड के संबंधों में सुधार होगा, जो पिछले कुछ वर्षों से प्रवासन के मुद्दों को लेकर तनावपूर्ण रहे थे। स्विट्जरलैंड यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है, लेकिन वह द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से इसके एकल बाजार (Single Market) का हिस्सा है, जिसके लिए लोगों की मुक्त आवाजाही एक अनिवार्य शर्त है।
फिलहाल, इस हार के बावजूद प्रवासन विरोधी गुटों का कहना है कि वे संसाधनों के संरक्षण के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे। लेकिन अभी के लिए, स्विट्जरलैंड ने एक ऐसी राह चुनी है जो अलगाव के बजाय वैश्विक जुड़ाव और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देती है। यह निर्णय उन हजारों कुशल श्रमिकों और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है जो स्विट्जरलैंड को अपना घर या कार्यस्थल मानते हैं।
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