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सुष्मिता देव का टीएमसी और राज्यसभा से इस्तीफा, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से की मुलाकात

ICN24 Newsroom 11 जून 2026, 05:30 am
सुष्मिता देव का टीएमसी और राज्यसभा से इस्तीफा, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से की मुलाकात

तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी और सदन से इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से उनकी मुलाकात के बाद उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

भारतीय राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तहत, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और संसद के उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया है। पूर्व कांग्रेस नेता रहीं सुष्मिता देव ने अपने इस फैसले के पीछे व्यक्तिगत और राजनीतिक कारणों का हवाला दिया है। उनके इस कदम ने टीएमसी के भीतर आंतरिक असंतोष और पश्चिम बंगाल के बाहर पार्टी के विस्तार की योजनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद, सुष्मिता देव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है और कयास लगाए जा रहे हैं कि वे जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम सकती हैं। हालांकि, उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपनी भविष्य की योजनाओं का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अब अपना पूरा ध्यान अपने गृह राज्य असम की राजनीति पर केंद्रित करना चाहती हैं। सुष्मिता देव का जाना टीएमसी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वे पूर्वोत्तर भारत में पार्टी का एक प्रमुख चेहरा थीं। यह एक सप्ताह के भीतर टीएमसी के किसी राज्यसभा सांसद का दूसरा इस्तीफा है, जो पार्टी के भीतर बढ़ रही अस्थिरता की ओर इशारा करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को इससे गहरा धक्का लग सकता है, विशेषकर उन राज्यों में जहां पार्टी खुद को कांग्रेस के विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए, भारत की क्षेत्रीय राजनीति में होने वाले ये बदलाव विशेष महत्व रखते हैं। प्रवासी भारतीय, विशेषकर असम और बंगाल मूल के लोग, इन राजनीतिक समीकरणों पर बारीकी से नज़र रखते हैं क्योंकि इनका सीधा प्रभाव उनके गृह राज्यों के विकास और शासन पर पड़ता है। असम की राजनीति में सुष्मिता देव एक प्रभावशाली नाम हैं और उनके इस निर्णय से राज्य की राजनीतिक दिशा बदल सकती है। सुष्मिता देव ने अपना इस्तीफा राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया है। उन्होंने अपने संक्षिप्त बयान में कहा कि वह अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत करने के लिए उत्सुक हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वे भाजपा में शामिल होकर असम में एक नई भूमिका निभाएंगी या किसी अन्य राजनीतिक विकल्प की तलाश करेंगी। फिलहाल, टीएमसी नेतृत्व ने इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पार्टी के भीतर इस इस्तीफे के बाद मंथन का दौर जारी है।
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