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सुदेश कुमार महतो ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र: खनिज विधेयक में झारखंड के हितों की सुरक्षा की मांग

ICN24 Newsroom 20 अग॰ 2026, 03:37 am
सुदेश कुमार महतो ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र: खनिज विधेयक में झारखंड के हितों की सुरक्षा की मांग

आजसू पार्टी प्रमुख सुदेश कुमार महतो ने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर खनिज विधेयक में झारखंड के स्थानीय हितों और खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देने की अपील की है।

रांची: आजसू (AJSU) पार्टी के अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने केंद्र सरकार से खनिज कानूनों में प्रस्तावित संशोधनों के दौरान झारखंड के विशेष हितों को ध्यान में रखने का आग्रह किया है। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री को लिखे एक औपचारिक पत्र में, महतो ने रेखांकित किया कि झारखंड देश के खनिज भंडार का एक बड़ा हिस्सा साझा करता है, इसलिए किसी भी विधायी परिवर्तन का सीधा प्रभाव यहाँ की अर्थव्यवस्था और जनजातीय समुदायों पर पड़ता है। महतो ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि खनिज विकास (संशोधन) विधेयक को राज्य के राजस्व और स्थानीय समुदायों के अधिकारों के साथ संतुलित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे राज्य के लिए, जहाँ खनिज संपदा प्रचुर मात्रा में है, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि खनन गतिविधियों से होने वाला लाभ केवल बड़े कॉर्पोरेट घरानों तक ही सीमित न रहे, बल्कि इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्थानीय बुनियादी ढांचे और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास में खर्च हो। आजसू प्रमुख ने 'डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन' (DMF) के कोष के उचित उपयोग की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने तर्क दिया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता के लिए नियमों को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि केंद्र और राज्य के बीच रॉयल्टी साझा करने के तंत्र में स्पष्टता होनी चाहिए ताकि विकास की गति प्रभावित न हो। झारखंड की राजनीति में खनिज एक अत्यंत संवेदनशील विषय रहा है। सुदेश महतो का यह कदम ऐसे समय में आया है जब राज्य में आगामी चुनावों की सुगबुगाहट तेज है और क्षेत्रीय अस्मिता व संसाधनों पर नियंत्रण का मुद्दा केंद्र में है। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार विधेयक को अंतिम रूप देने से पहले राज्य के सभी प्रमुख हितधारकों और क्षेत्रीय दलों के सुझावों पर गंभीरता से विचार करे। ICN24 के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के कई लोग, विशेष रूप से झारखंड और बिहार से ताल्लुक रखने वाले, अपने गृह राज्य के संसाधनों और विकास नीतियों में गहरी रुचि रखते हैं। ऑस्ट्रेलिया खुद एक वैश्विक खनन केंद्र है, और वहाँ की समुदाय-आधारित खनन नीतियों की तुलना अक्सर भारतीय संदर्भ में की जाती है। महतो की यह अपील झारखंड के भविष्य के औद्योगिक और सामाजिक ढांचे को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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