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एशियाई साइबर-धोखाधड़ी नेटवर्क का नया केंद्र बना श्रीलंका: 1,000 से अधिक गिरफ्तारियां

ICN24 Newsroom 9 जून 2026, 02:01 pm
एशियाई साइबर-धोखाधड़ी नेटवर्क का नया केंद्र बना श्रीलंका: 1,000 से अधिक गिरफ्तारियां

श्रीलंका में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस साल अब तक 1,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन कानूनी कमियां चुनौती बनी हुई हैं।

श्रीलंका वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय साइबर-धोखाधड़ी नेटवर्क के लिए एक नए और प्रमुख ठिकाने के रूप में उभर रहा है। हाल ही में श्रीलंका पुलिस द्वारा की गई व्यापक कार्रवाई के बाद यह खुलासा हुआ है कि अरबों डॉलर के घोटाले करने वाले गिरोह अब दक्षिण-पूर्व एशिया से हटकर दक्षिण एशियाई द्वीपीय देश की ओर रुख कर रहे हैं। इस वर्ष अब तक श्रीलंका में साइबर अपराधों और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल होने के संदेह में 1,000 से अधिक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच रिपोर्टों के अनुसार, ये आपराधिक संगठन श्रीलंका की लचीली वीज़ा नीतियों और कानूनी ढांचे की कमियों का फायदा उठा रहे हैं। विशेष रूप से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई सरल वीज़ा प्रक्रियाओं ने इन 'स्कैम फार्म' ऑपरेटरों को देश में प्रवेश करने और अपने अवैध कॉल सेंटर स्थापित करने का अवसर प्रदान किया है। ये नेटवर्क मुख्य रूप से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाते हैं, जिनमें भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई नागरिक और प्रवासी समुदाय भी शामिल हैं। कोलंबो और उसके आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में कंप्यूटर, मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में चीन, भारत, थाईलैंड और अन्य एशियाई देशों के नागरिक शामिल हैं। ये सिंडिकेट अक्सर 'पिग बुचरिंग' (निवेश के नाम पर ठगी), नकली क्रिप्टोकरेंसी स्कीम और रोजगार के झूठे विज्ञापनों के जरिए मासूम लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय को भी इन खतरों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। अक्सर इन स्कैमर्स द्वारा हिंदी या अन्य क्षेत्रीय भाषाओं का उपयोग किया जाता है ताकि पीड़ितों का विश्वास जीता जा सके। श्रीलंका की सरकार अब इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अपने वीज़ा नियमों की समीक्षा कर रही है और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ा रही है। हालांकि, तकनीकी जटिलताओं के कारण इन डिजिटल अपराधियों को पकड़ना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। श्रीलंका के अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन निवेश या अनचाहे संदेशों से सावधान रहें। आने वाले महीनों में, देश में साइबर सुरक्षा कानूनों को और सख्त किए जाने की संभावना है ताकि श्रीलंका की छवि को एक सुरक्षित निवेश और पर्यटन स्थल के रूप में बरकरार रखा जा सके।
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