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सिंगापुर की बड़ी कार्रवाई: प्रवासी भारतीयों के खिलाफ नफरत फैलाने वाले चीनी सोशल मीडिया पोस्ट पर लगाया प्रतिबंध
ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 06:00 pm

सिंगापुर सरकार ने भारतीय प्रवासियों के खिलाफ नफरत और गलत सूचना फैलाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट को ब्लॉक करने का आदेश दिया है।
सिंगापुर सरकार ने भारतीय प्रवासियों और प्रवासी समुदाय के खिलाफ ऑनलाइन नफरत फैलाने की कोशिशों पर कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों ने हाल ही में उन सोशल मीडिया पोस्ट और खातों को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है, जो कथित तौर पर चीन से संचालित हो रहे थे और भारतीय समुदाय के खिलाफ द्वेषपूर्ण सामग्री प्रसारित कर रहे थे। इन पोस्ट्स में यह झूठा दावा किया जा रहा था कि सिंगापुर पर भारतीय प्रवासियों ने 'कब्जा' कर लिया है, जिससे स्थानीय सामाजिक सद्भाव को खतरा पैदा हो सकता था।
गृह मंत्रालय और सूचना मंत्रालय द्वारा की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य विदेशी हस्तक्षेप को रोकना और देश के बहु-जातीय ढांचे की रक्षा करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये पोस्ट एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थे, जिसका उद्देश्य भारत और सिंगापुर के बीच द्विपक्षीय संबंधों में दरार डालना और भारतीय मूल के लोगों के प्रति स्थानीय नाराजगी को भड़काना था। यह मामला तब सामने आया जब एक चीनी भाषा के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भारत विरोधी विमर्श में अचानक वृद्धि देखी गई।
सिंगापुर में भारतीय समुदाय की आबादी काफी महत्वपूर्ण है, और ऑस्ट्रेलिया की तरह यहां भी भारतीय मूल के लोग अर्थव्यवस्था और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस घटना ने ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच भी चिंता पैदा कर दी है। डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इसी तरह की 'नैरेटिव वॉरफेयर' या सूचना युद्ध की तकनीकें अन्य देशों में भी प्रवासियों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती हैं। ऑस्ट्रेलिया में भी भारतीय समुदाय अक्सर ऑनलाइन ट्रोलिंग और भ्रामक जानकारी का शिकार होता है, जिससे सामाजिक एकता प्रभावित होती है।
सिंगापुर के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी विदेशी शक्ति को अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने या समुदायों के बीच अविश्वास पैदा करने की अनुमति नहीं देंगे। सरकार ने चेतावनी दी है कि गलत सूचना फैलाने वाले प्लेटफार्मों के खिलाफ 'फॉरेन इंटरफेरेंस (काउंटर मेजर्स) एक्ट' (FICA) के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस कानून को विशेष रूप से विदेशी दुष्प्रचार अभियानों का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है।
यह घटना वैश्विक स्तर पर सरकारों के लिए एक चेतावनी है कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग भू-राजनीतिक लाभ के लिए समुदायों को विभाजित करने में किया जा सकता है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण सबक है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाली असत्यापित जानकारी के प्रति सतर्क रहें और केवल विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें। सिंगापुर की यह त्वरित प्रतिक्रिया दर्शाती है कि प्रवासियों की सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता बनाए रखने के लिए सख्त कानूनी ढांचे की आवश्यकता है।
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