राजनीति
शत्रुघ्न सिन्हा ने राहुल गांधी का किया बचाव, पुलिस कार्रवाई पर सरकार से जवाबदेही की मांग की
ICN24 Newsroom 31 जुल॰ 2026, 04:36 pm

टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी के रुख का समर्थन किया और सरकार से जवाबदेही की मांग की।
नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद और दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का पुरजोर समर्थन किया है। सिन्हा ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना करने के राहुल गांधी के अधिकार का बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि एक लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाना अनुचित है और राहुल गांधी को अपनी बात पूरी करने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए था।
सदन के भीतर हुई हालिया बहस का जिक्र करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि राहुल गांधी ने जो मुद्दे उठाए, वे सीधे तौर पर जनता की सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े हैं। 20 जुलाई की घटना, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हुए थे, ने राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस छेड़ दी है। सिन्हा का मानना है कि गृह मंत्रालय को इस मामले में केवल बचाव करने के बजाय जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद वह स्थान है जहाँ जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित की जाती है, और यहाँ विपक्ष के नेता की टिप्पणी को बाधित करना स्वस्थ संसदीय परंपरा का हिस्सा नहीं है।
सिन्हा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी केवल उन लोगों की आवाज उठा रहे थे जो सड़कों पर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को आलोचनाओं को व्यक्तिगत हमले के रूप में देखने के बजाय, उठाए गए सवालों के ठोस जवाब देने चाहिए। सिन्हा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सत्ता पक्ष विपक्ष की आवाज को म्यूट करने की कोशिश कर रहा है, जो भारतीय लोकतंत्र के भविष्य के लिए एक चिंताजनक संकेत है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब भारत में नागरिक स्वतंत्रता और विरोध प्रदर्शनों के प्रति पुलिस के व्यवहार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हो रही है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबरें महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि भारत की लोकतांत्रिक स्थिरता और कानून का शासन सीधे तौर पर विदेशों में भारत की छवि को प्रभावित करता है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले प्रवासी भारतीय अक्सर भारत में होने वाली इन राजनीतिक हलचलों पर बारीकी से नजर रखते हैं, क्योंकि इनका असर द्विपक्षीय संबंधों और सामाजिक संवाद पर भी पड़ता है।
अंत में, शत्रुघ्न सिन्हा ने दोहराया कि जब तक सरकार पारदर्शिता नहीं बरतेगी और पुलिस के आचरण पर उठ रहे सवालों के जवाब नहीं देगी, तब तक विपक्ष पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने अन्य विपक्षी दलों से भी इस मुद्दे पर एकजुट होने का आह्वान किया। फिलहाल, संसद में इस मुद्दे को लेकर गतिरोध बने रहने के आसार हैं, क्योंकि विपक्ष अब इस मामले में विस्तृत जांच और सदन में औपचारिक चर्चा की मांग पर अड़ा हुआ है।
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