राजनीति
शांतनु ठाकुर का बड़ा दावा: ममता बनर्जी की पार्टी में बड़ी सेंधमारी की तैयारी, कई TMC नेता BJP में होंगे शामिल
ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 07:31 pm

केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और सांसद भाजपा के संपर्क में हैं और जल्द ही दल-बदल कर सकते हैं।
कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर दलबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता शांतनु ठाकुर ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई वरिष्ठ नेता और सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के लिए तैयार हैं। ठाकुर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बंगाल की सत्ताधारी पार्टी आंतरिक कलह और विभिन्न कानूनी चुनौतियों का सामना कर रही है।
शांतनु ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष की लहर है। उन्होंने संकेत दिया कि कई 'बागी' नेता अपनी ही पार्टी की कार्यप्रणाली से खुश नहीं हैं और वे एक सुरक्षित राजनीतिक भविष्य की तलाश में भाजपा का रुख करना चाहते हैं। हालांकि, ठाकुर ने उन नेताओं के नामों का खुलासा नहीं किया, लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
यह घटनाक्रम ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय, विशेष रूप से बंगाली प्रवासियों के लिए भी विशेष महत्व रखता है। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले प्रवासी भारतीय अक्सर पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिरता और विकास को लेकर सक्रिय चर्चा करते हैं। पश्चिम बंगाल में होने वाली राजनीतिक हलचल का सीधा असर राज्य के निवेश और प्रवासियों के अपने गृह राज्य के साथ जुड़ाव पर पड़ता है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शांतनु ठाकुर का दावा सच साबित होता है, तो यह आगामी चुनावों से पहले ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है। इससे पहले भी 2021 के विधानसभा चुनाव और हाल के स्थानीय चुनावों के दौरान कई नेताओं ने पाला बदला था। भाजपा इस स्थिति का लाभ उठाकर राज्य में अपने आधार को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
वहीं दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। टीएमसी नेतृत्व का कहना है कि यह केवल भाजपा की मनोवैज्ञानिक युद्धनीति का हिस्सा है ताकि पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को गिराया जा सके। ममता बनर्जी की पार्टी का तर्क है कि उनके सभी सांसद और विधायक एकजुट हैं और किसी भी बाहरी दबाव में नहीं आएंगे।
वर्तमान में पश्चिम बंगाल की राजनीति भ्रष्टाचार के आरोपों और केंद्रीय एजेंसियों की जांच के घेरे में है। संदेशखाली जैसी घटनाओं और शिक्षक भर्ती घोटाले ने विपक्षी दलों को सरकार पर हमला करने का मौका दिया है। शांतनु ठाकुर का हालिया बयान इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जो राज्य में एक नए राजनीतिक ध्रुवीकरण की ओर इशारा कर रहा है।
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