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कर्नाटक चुनाव की तैयारी: एआईसीसी पर्यवेक्षक जेट्टी कुसुम कुमार करेंगे यादगीर का दौरा, कांग्रेस कमेटियों को करेंगे मजबूत

ICN24 Newsroom 28 जुल॰ 2026, 01:36 am
कर्नाटक चुनाव की तैयारी: एआईसीसी पर्यवेक्षक जेट्टी कुसुम कुमार करेंगे यादगीर का दौरा, कांग्रेस कमेटियों को करेंगे मजबूत

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक जेट्टी कुसुम कुमार आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जिला समितियों को मजबूत करने के लिए यादगीर का दौरा करेंगे।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने कर्नाटक में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी कमर कस ली है। इसी क्रम में, एआईसीसी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक जेट्टी कुसुम कुमार यादगीर जिले का दौरा करने वाले हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य जिले में कांग्रेस की जमीनी पकड़ को और अधिक प्रभावी बनाना और जिला समितियों के भीतर सांगठनिक ढांचे को मजबूती प्रदान करना है। पार्टी के आंतरिक सूत्रों के अनुसार, यह दौरा चुनावी तैयारियों की समीक्षा और कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यादगीर में अपने प्रवास के दौरान, जेट्टी कुसुम कुमार जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) के प्रमुख पदाधिकारियों, ब्लॉक कांग्रेस के नेताओं और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ विस्तृत बैठकें करेंगे। इन बैठकों में न केवल आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार की जाएगी, बल्कि पिछले कुछ समय में स्थानीय स्तर पर आई चुनौतियों और शिकायतों का भी निवारण करने का प्रयास किया जाएगा। पार्टी का मानना है कि बूथ स्तर पर मजबूती ही राज्य में सत्ता वापसी का रास्ता साफ करेगी। कर्नाटक की राजनीति पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि यादगीर जैसे जिले राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण हैं। यहां की जिला कमेटियों को सक्रिय करना कांग्रेस के लिए अनिवार्य है, ताकि भाजपा के चुनावी तंत्र का मुकाबला किया जा सके। पर्यवेक्षक के इस दौरे में स्थानीय नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करना और गुटबाजी को समाप्त कर एक एकीकृत मोर्चे के रूप में चुनावी मैदान में उतरने पर जोर दिया जाएगा। वे स्थानीय स्तर पर पार्टी की सदस्यता और जनसंपर्क अभियानों की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय, विशेषकर कन्नड़ मूल के प्रवासियों के लिए कर्नाटक की राजनीति हमेशा से चर्चा का विषय रही है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे कर्नाटक के प्रवासी अपने गृह राज्य के शासन और विकास कार्यों पर बारीकी से नजर रखते हैं। एआईसीसी के इस संगठनात्मक फेरबदल और चुनावी सक्रियता का असर अप्रत्यक्ष रूप से उन निवेश नीतियों और द्विपक्षीय संबंधों पर भी पड़ता है, जिनमें प्रवासी भारतीय रुचि रखते हैं। आईएनसी (INC) की यह सक्रियता दिखाती है कि पार्टी अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। अंततः, जेट्टी कुसुम कुमार की यह यात्रा केवल एक औपचारिक दौरा नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस की उस व्यापक योजना का हिस्सा है जिसके तहत वह प्रत्येक जिले में अपने आधार को पुनर्जीवित करना चाहती है। यादगीर की रिपोर्ट सीधे पार्टी आलाकमान को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आने वाले महीनों में टिकट वितरण और प्रचार अभियान की दिशा तय की जाएगी। राज्य में चुनावी तापमान बढ़ने के साथ ही, ऐसी संगठनात्मक गतिविधियां पार्टी के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकती हैं।
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