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H-1B वीजा नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव: अमेरिकी कांग्रेस में नया विधेयक पेश, भारतीय पेशेवरों की बढ़ सकती है चिंता

ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 10:00 am
H-1B वीजा नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव: अमेरिकी कांग्रेस में नया विधेयक पेश, भारतीय पेशेवरों की बढ़ सकती है चिंता

अमेरिकी सांसद चिप रॉय ने H-1B वीजा कार्यक्रम में आमूल-चूल बदलाव के लिए एक नया विधेयक पेश किया है, जो विदेशी पेशेवरों के लिए स्थायी निवास के रास्ते को कठिन बना सकता है।

वाशिंगटन डीसी में पेश किए गए एक नए आव्रजन सुधार विधेयक ने वैश्विक स्तर पर तकनीक और पेशेवर क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीयों के बीच हलचल पैदा कर दी है। अमेरिकी रिपब्लिकन सांसद चिप रॉय द्वारा पेश किए गए इस विधेयक का उद्देश्य मौजूदा H-1B वीजा कार्यक्रम की संरचना को पूरी तरह से बदलना है। यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो यह संयुक्त राज्य अमेरिका में काम करने वाले विदेशी पेशेवरों, विशेष रूप से भारतीय नागरिकों के लिए स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) प्राप्त करने के रास्ते को प्रभावी ढंग से समाप्त कर सकता है। प्रस्तावित विधेयक के सबसे कड़े प्रावधानों में से एक 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (OPT) कार्यक्रम को समाप्त करना है। वर्तमान में, OPT के माध्यम से विदेशी छात्र अमेरिकी विश्वविद्यालयों से स्नातक करने के बाद कुछ वर्षों तक वहां काम कर सकते हैं, जो बाद में H-1B प्रायोजन का आधार बनता है। इसे खत्म करने से नए स्नातकों के लिए अमेरिकी श्रम बाजार में प्रवेश करना लगभग असंभव हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, विधेयक विदेशी श्रमिकों के लिए भर्ती नियमों को और अधिक सख्त बनाने का प्रस्ताव करता है ताकि अमेरिकी नियोक्ताओं को स्थानीय पेशेवरों को प्राथमिकता देने के लिए मजबूर किया जा सके। सांसद चिप रॉय का तर्क है कि ये बदलाव विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) क्षेत्रों में अमेरिकी नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक हैं। हालांकि इस विधेयक को कुछ अन्य सांसदों का समर्थन प्राप्त है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसे कांग्रेस के दोनों सदनों से पारित कराना एक बड़ी चुनौती होगी। अमेरिकी तकनीकी उद्योग, जो काफी हद तक भारतीय प्रतिभाओं पर निर्भर है, इस तरह के प्रतिबंधों का कड़ा विरोध कर सकता है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है। अक्सर देखा गया है कि जब अमेरिका अपनी आव्रजन नीतियों को सख्त करता है, तो कुशल भारतीय पेशेवरों का रुख ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों की ओर बढ़ जाता है। ऑस्ट्रेलिया की वर्तमान 'माइग्रेशन स्ट्रेटजी' पहले से ही प्रतिभाओं को आकर्षित करने पर केंद्रित है, ऐसे में अमेरिका के इन कड़े कदमों से ऑस्ट्रेलिया में उच्च-कौशल वाले आव्रजकों की संख्या में वृद्धि देखी जा सकती है। हालांकि, यह वैश्विक स्तर पर बढ़ते संरक्षणवाद के रुझान को भी दर्शाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय करियर की योजना बनाने वाले युवाओं को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है। फिलहाल, यह विधेयक शुरुआती चरण में है। भारतीय पेशेवरों और आव्रजन विशेषज्ञों की नजर अब अमेरिकी कांग्रेस की आगामी चर्चाओं पर टिकी है, क्योंकि इसका सीधा असर हजारों परिवारों और भविष्य की करियर योजनाओं पर पड़ेगा। ICN24 इस मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और पल-पल की जानकारी आप तक पहुंचाता रहेगा।
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