ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
राष्ट्रपति पुतिन ने भारत को बताया 'सबसे भरोसेमंद साझेदार', द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर दिया जोर
ICN24 Newsroom 5 जून 2026, 10:00 pm

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग इकोनॉमिक फोरम में भारत को रूस का सबसे विश्वसनीय मित्र और रणनीतिक साझेदार बताया है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर भारत और रूस के बीच दशकों पुराने संबंधों की प्रगाढ़ता को रेखांकित किया है। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) के दौरान अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत करते हुए पुतिन ने भारत को रूस का 'सबसे भरोसेमंद' साझेदार करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध केवल व्यापारिक समझौतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह एक 'विशेष विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' है।
पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और उसके राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने की क्षमता ही उसे एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए आयाम खुलेंगे। पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, और पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद भारत ने रूस के साथ अपने ऊर्जा और रक्षा संबंधों को बनाए रखा है।
आर्थिक मोर्चे पर चर्चा करते हुए रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है। उन्होंने विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र, हाई-टेक और विनिर्माण में बढ़ते सहयोग का जिक्र किया। पुतिन ने स्पष्ट किया कि मॉस्को, नई दिल्ली को एक ऐसे मित्र के रूप में देखता है जो मुश्किल समय में भी अडिग रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग केवल हथियारों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि अब 'मेक इन इंडिया' के तहत संयुक्त उत्पादन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी यह घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है। क्वाड (QUAD) के सदस्य के रूप में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों के बीच, भारत का रूस के साथ यह संतुलन वैश्विक कूटनीति की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। प्रवासी भारतीय इसे भारत की 'रणनीतिक स्वायत्तता' (Strategic Autonomy) के रूप में देखते हैं, जहाँ भारत बिना किसी गुटबाजी के अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रख रहा है। पुतिन का यह संबोधन न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान करता है, बल्कि दक्षिण एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत है।
निष्कर्ष के तौर पर, पुतिन ने भविष्य के रोडमैप पर चर्चा करते हुए कहा कि रूस और भारत ब्रिक्स (BRICS) और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे मंचों पर मिलकर काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों का आपसी विश्वास ही इस साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थिर और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करेगी।
संबंधित ख़बरें
ब्रेकिंगब्रेकिंग
रोहित शर्मा के भविष्य पर शुभमन गिल ने तोड़ी चुप्पी: चयन की दुविधा को बताया 'सुखद सिरदर्द'
शुभमन गिल ने यशस्वी जायसवाल के फॉर्म और रोहित शर्मा की जगह को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपनी राय दी है। उन्होंने इसे टीम के लिए एक सकारात्मक चुनौती बताया।
20 जून 2026, 04:40 pm
ब्रेकिंगब्रेकिंग
दिल्ली में रोड रेज का कहर: रास्ता नहीं देने पर कार का पीछा कर युवक को पीटा, दो बीबीए छात्र गिरफ्तार
दिल्ली के सोहना रोड पर रास्ता न देने को लेकर दो बीबीए छात्रों ने एक व्यक्ति की कार का पीछा किया और उस पर हमला कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
20 जून 2026, 04:25 pm
ब्रेकिंगब्रेकिंग
'हमें चुनने का मौका नहीं मिलता..': गूगल सीईओ सुंदर पिचाई ने छात्रों को दिया सफलता का खास मंत्र
गूगल सीईओ सुंदर पिचाई ने स्टैनफोर्ड के छात्रों को संबोधित करते हुए कठिन चुनौतियों को स्वीकार करने और आशावादी बने रहने की सलाह दी।
20 जून 2026, 04:10 pm

