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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आईएमए देहरादून में पासिंग आउट परेड की समीक्षा की; एनडीए की महिला कैडेट्स का पहला बैच शामिल
ICN24 Admin 13 जून 2026, 05:50 am
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड की सलामी ली, जिसमें एनडीए की महिला कैडेट्स का पहला बैच भी शामिल हुआ।
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के प्रतिष्ठित चेटवुड ड्रिल स्क्वायर पर शनिवार को एक नया इतिहास रचा गया। भारत की राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने ग्रीष्मकालीन पासिंग आउट परेड (पीओपी) की समीक्षा की। इस वर्ष की परेड विशेष रूप से ऐतिहासिक रही क्योंकि इसमें राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की महिला कैडेटों का पहला बैच शामिल हुआ, जो अब भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने युवा अधिकारियों को बधाई दी और उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज का दिन न केवल इन कैडेटों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है। विशेष रूप से महिला कैडेटों की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि आधुनिक युद्ध क्षेत्र और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारतीय सेना को अब अधिक समावेशी और तकनीकी रूप से उन्नत होने की आवश्यकता है।
राष्ट्रपति ने पासिंग आउट कोर्स के उन विदेशी कैडेटों की भी सराहना की जिन्होंने मित्र देशों से आकर आईएमए में कठिन प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये अधिकारी अपने देशों और भारत के बीच सैन्य संबंधों को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि आईएमए का अनुशासन और यहां के मूल्य जीवन भर इन अधिकारियों का मार्गदर्शन करेंगे।
परेड के दौरान चेटवुड हॉल के सामने कैडेटों के मार्च और उनके जोश ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राष्ट्रपति ने विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को प्रतिष्ठित पदक प्रदान किए। अकादमी की परंपरा के अनुसार, 'सॉर्ड ऑफ ऑनर' और अन्य पुरस्कार उन कैडेटों को दिए गए जिन्होंने प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक, मानसिक और सामरिक कौशल में श्रेष्ठता सिद्ध की।
समारोह के समापन पर, 'अंतिम पग' पार करने के साथ ही ये युवा कैडेट भारतीय सेना के गौरवशाली अंगों में लेफ्टिनेंट के रूप में शामिल हो गए। इस दौरान पूरे परिसर में 'भारत माता की जय' और 'बलिदानं परमो धर्म:' के नारे गूंज उठे। यह आयोजन भारतीय रक्षा बलों में विविधता और समानता के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है।
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