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प्रधानमंत्री मोदी ने रचा इतिहास: नेहरू को पछाड़कर बने सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले निर्वाचित पीएम

ICN24 Newsroom 11 जून 2026, 03:00 am
प्रधानमंत्री मोदी ने रचा इतिहास: नेहरू को पछाड़कर बने सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले निर्वाचित पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ते हुए लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधान मंत्री बने रहने का गौरव हासिल किया है।

नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के एक भव्य सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक नया ऐतिहासिक कीर्तिमान दर्ज किया गया। पीएम मोदी अब भारत के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के निरंतर कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। बुधवार को राजधानी में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और एनडीए के सभी घटक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। यह अवसर केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी, बल्कि केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के 12 वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक था। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने रेखांकित किया कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने न केवल राजनीतिक स्थिरता देखी है, बल्कि वैश्विक पटल पर भी अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। एनडीए नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि लगातार तीन कार्यकाल तक जनता का विश्वास जीतना और बिना किसी बाधा के शासन करना भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। पिछले एक दशक में भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों में जो प्रगाढ़ता आई है, उसका श्रेय काफी हद तक पीएम मोदी की विदेश नीति और प्रवासी भारतीयों से उनके सीधे जुड़ाव को दिया जाता है। सिडनी के हैरिस पार्क से लेकर कैनबरा के गलियारों तक, मोदी सरकार की निरंतरता ने द्विपक्षीय व्यापार समझौतों (ECTA) और प्रवासन नीतियों को एक नई दिशा दी है। सिडनी में रहने वाले भारतीय मूल के नागरिकों का मानना है कि भारत में स्थिर सरकार होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रवासियों का मान बढ़ता है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो नेहरू का कुल कार्यकाल लंबा रहा है, लेकिन 'लगातार निर्वाचित' प्रधानमंत्री के रूप में मोदी ने अपनी एक अलग लकीर खींच दी है। भाजपा नेतृत्व ने इस सफलता का श्रेय मोदी की 'अंत्योदय' की नीति और बुनियादी ढांचे के विकास को दिया है। गठबंधन के सहयोगियों ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि यह रिकॉर्ड केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। आगामी वर्षों में, यह देखना दिलचस्प होगा कि यह राजनीतिक स्थिरता भारत की आर्थिक विकास दर और वैश्विक रणनीतिक स्थिति को कैसे प्रभावित करती है। फिलहाल, नई दिल्ली में हुए इस शक्ति प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एनडीए अपनी इस उपलब्धि को भविष्य की चुनौतियों के लिए एक मजबूत आधार के रूप में देख रहा है।
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