राजनीति
पीएम मोदी ने जगन्नाथ रथ यात्रा की शुभकामनाएं दीं; इसे भारत की आध्यात्मिक विरासत की 'देदीप्यमान अभिव्यक्ति' बताया
ICN24 Newsroom 16 जुल॰ 2026, 10:32 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जगन्नाथ रथ यात्रा के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी और इसे भारत की महान आध्यात्मिक विरासत और अटूट श्रद्धा का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के शुभ अवसर पर देश और दुनिया भर के श्रद्धालुओं को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक संदेश साझा करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस उत्सव को भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत की एक 'देदीप्यमान अभिव्यक्ति' करार दिया। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।
अपने संदेश में पीएम मोदी ने लिखा, "महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन अवसर पर सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। यह उत्सव हमारी महान आध्यात्मिक विरासत की एक देदीप्यमान अभिव्यक्ति है। मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद हमें नई ऊर्जा प्रदान करे और हमारे समाज में सद्भाव और कल्याण की भावना को और मजबूत करे। जय जगन्नाथ!"
ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली यह ऐतिहासिक रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की आस्था का केंद्र है। इस उत्सव के दौरान भगवान जगन्नाथ, अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के घर, गुंडिचा मंदिर जाने के लिए भव्य रथों पर सवार होते हैं। यह परंपरा सदियों पुरानी है और इसे सामाजिक समानता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, क्योंकि इस दिन भगवान स्वयं अपने भक्तों के बीच सड़क पर उतरते हैं, जहां जाति या पंथ का कोई भेदभाव नहीं होता।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी यह दिन विशेष महत्व रखता है। सिडनी, मेलबर्न, ब्रिसबेन और पर्थ जैसे प्रमुख शहरों में प्रवासी भारतीयों और ओड़िया समुदायों द्वारा बड़े उत्साह के साथ रथ यात्रा निकाली जाती है। ऑस्ट्रेलिया में इस्कॉन (ISKCON) और विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों के माध्यम से हजारों लोग इस उत्सव में भाग लेते हैं, जो दूर देश में भी भारत की जड़ों से जुड़ाव को दर्शाता है। ऑस्ट्रेलिया के बहुसांस्कृतिक समाज में यह आयोजन भारतीय संस्कृति की जीवंतता को प्रदर्शित करता है और वहां की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से परिचित कराने का माध्यम बनता है।
धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, रथ यात्रा का महत्व 'भक्ति' की उस शक्ति में निहित है जो लोगों को जोड़ती है। पीएम मोदी अक्सर अपनी जनसभाओं और संबोधनों में भारत की सांस्कृतिक कूटनीति पर जोर देते रहे हैं, और रथ यात्रा जैसे उत्सवों को वैश्विक स्तर पर भारत की 'सॉफ्ट पावर' के रूप में देखा जाता है। इस वर्ष की यात्रा के लिए पुरी में सुरक्षा और प्रशासन के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि लाखों की संख्या में उमड़ने वाले श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रधानमंत्री का यह संदेश न केवल भारत के भीतर बल्कि विदेशों में रह रहे लाखों भारतीयों के बीच भी एकता और सांस्कृतिक गौरव का संचार करता है।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
पुरी में उमड़ा जनसैलाब: भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा शुरू, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई हाजिरी
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा शुरू हो गई है। लाखों श्रद्धालु रथ खींचने के लिए जुटे हैं, वहीं ऑस्ट्रेलिया में भी भारतीय समुदाय ने इस उत्सव को धूमधाम से मनाया।
16 जुल॰ 2026, 11:32 am

राजनीति
अमेरिका ने ईरान पर फिर किया हवाई हमला, होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए खतरा पैदा करने वाली ईरानी सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाते हुए हमलों का दूसरा दौर शुरू किया है।
16 जुल॰ 2026, 09:33 am

राजनीति
डोनल्ड ट्रंप का संकल्प: इराक युद्ध के 'विनाशकारी' अध्याय को समाप्त करने की तैयारी
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इराक युद्ध को एक बड़ी भूल करार देते हुए विदेशी सैन्य हस्तक्षेपों को समाप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
16 जुल॰ 2026, 08:32 am

