लाइव
ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग

अरुणाचल प्रदेश में भारत की पहली 'रिवर काइनेटिक' ऊर्जा परियोजना की शुरुआत; बड़े बांधों के बीच एक सुरक्षित विकल्प

ICN24 Newsroom 16 जुल॰ 2026, 04:32 am
अरुणाचल प्रदेश में भारत की पहली 'रिवर काइनेटिक' ऊर्जा परियोजना की शुरुआत; बड़े बांधों के बीच एक सुरक्षित विकल्प

अरुणाचल प्रदेश ने नदी की धाराओं से सीधे बिजली बनाने वाली भारत की पहली 'रिवर काइनेटिक' परियोजना शुरू की है, जो पर्यावरण के अनुकूल एक महत्वपूर्ण पहल है।

भारत के पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए देश की पहली 'रिवर काइनेटिक' (River Kinetic) बिजली प्रदर्शन परियोजना की शुरुआत की है। यह परियोजना नदी की प्राकृतिक धाराओं से सीधे बिजली उत्पन्न करने की तकनीक पर आधारित है। पारंपरिक जलविद्युत परियोजनाओं के विपरीत, इसमें विशाल बांधों के निर्माण की आवश्यकता नहीं होती, जिससे पर्यावरण और स्थानीय समुदायों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को न्यूनतम किया जा सकता है। अरुणाचल प्रदेश, जो अपनी तीव्र गति से बहने वाली नदियों के लिए जाना जाता है, लंबे समय से बड़े बांधों के निर्माण को लेकर विवादों का केंद्र रहा है। राज्य में कई बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर स्थानीय निवासियों और पर्यावरणविदों ने चिंता जताई है। उनका तर्क है कि बड़े बांधों से न केवल पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचता है, बल्कि भूकंपीय रूप से संवेदनशील इस क्षेत्र में विस्थापन और सुरक्षा का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में यह काइनेटिक ऊर्जा परियोजना एक स्थायी और सुरक्षित विकल्प के रूप में उभर रही है। तकनीकी दृष्टिकोण से, रिवर काइनेटिक तकनीक नदियों के बहते पानी की 'गतिज ऊर्जा' (Kinetic Energy) का उपयोग करती है। इसमें पानी के भीतर टर्बाइन लगाए जाते हैं जो बिना पानी का रास्ता रोके या उसे स्टोर किए बिजली पैदा करते हैं। यह तकनीक 'रन-ऑफ-द-रिवर' परियोजनाओं से भी अधिक उन्नत है क्योंकि इसमें किसी भी तरह के कंक्रीट ढांचे की जरूरत बहुत कम होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रदर्शन सफल रहता है, तो इसे हिमालयी क्षेत्र की अन्य छोटी नदियों और नालों पर भी लागू किया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। ऑस्ट्रेलिया स्वयं नवीकरणीय ऊर्जा और 'ग्रीन टेक' के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनने की राह पर है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे भारतीय इंजीनियर और ऊर्जा विशेषज्ञ अक्सर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु लक्ष्यों पर चर्चा करते हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 'क्रिटिकल मिनरल्स' और स्वच्छ ऊर्जा को लेकर बढ़ती साझेदारी के बीच, अरुणाचल की यह पहल दोनों देशों के बीच तकनीकी आदान-प्रदान के नए रास्ते खोल सकती है। इस परियोजना का सफल कार्यान्वयन न केवल भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगा, बल्कि यह सीमावर्ती क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का एक रणनीतिक साधन भी बनेगा। हालांकि, अभी यह एक प्रदर्शन परियोजना (Demonstration Project) है, लेकिन इसकी सफलता बड़े हाइड्रो-प्रोजेक्ट्स पर भारत की निर्भरता को कम कर सकती है और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर विकास का एक नया मॉडल पेश कर सकती है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

केरल लॉटरी परिणाम आज: कारुण्या प्लस KN-632 के नतीजे जारी, प्रथम पुरस्कार 1 करोड़ रुपये
ब्रेकिंगब्रेकिंग

केरल लॉटरी परिणाम आज: कारुण्या प्लस KN-632 के नतीजे जारी, प्रथम पुरस्कार 1 करोड़ रुपये

केरल राज्य लॉटरी विभाग ने कारुण्या प्लस KN-632 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। 16 जुलाई 2026 के इस ड्रा में भाग्यशाली विजेता को 1 करोड़ रुपये का इनाम मिलेगा।

16 जुल॰ 2026, 03:32 pm
एमिली ईडन की कूची में छिपी राजनीति: औपनिवेशिक भारत की कलात्मक विरासत पर नई बहस
ब्रेकिंगब्रेकिंग

एमिली ईडन की कूची में छिपी राजनीति: औपनिवेशिक भारत की कलात्मक विरासत पर नई बहस

दिल्ली आर्ट गैलरी (DAG) की नई प्रदर्शनी एमिली ईडन के कार्यों के माध्यम से औपनिवेशिक भारत के जटिल इतिहास और कला के अंतर्संबंधों को उजागर करती है।

16 जुल॰ 2026, 02:32 pm
आज का पंचांग: 16 जुलाई 2026; जानें गुरुवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचांग के पांच अंग
ब्रेकिंगब्रेकिंग

आज का पंचांग: 16 जुलाई 2026; जानें गुरुवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचांग के पांच अंग

16 जुलाई 2026 का विस्तृत पंचांग: जानें आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त, नक्षत्र और तिथि की गणना, जो आपके कार्यों को सफल बनाने में सहायक होगी।

16 जुल॰ 2026, 01:32 pm