ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
PM E-DRIVE योजना का 2028 तक विस्तार: इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर मिलती रहेगी सब्सिडी, सरकार का बड़ा फैसला
ICN24 Newsroom 13 अग॰ 2026, 03:37 pm
भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए PM E-DRIVE योजना को मार्च 2028 तक बढ़ा दिया है, जिससे दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी जारी रहेगी।
भारत सरकार ने देश में हरित परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए 'PM E-DRIVE' योजना की अवधि को 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में तेजी लाना और घरेलू स्तर पर ईवी निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) को सुदृढ़ करना है। भारी उद्योग मंत्रालय के इस फैसले से न केवल ग्राहकों को वित्तीय राहत मिलेगी, बल्कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र में निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
इस योजना के विस्तार का सबसे बड़ा लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा जो इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने की योजना बना रहे हैं। सरकार द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) अब अगले चार वर्षों तक प्रभावी रहेगी। शुरुआती दौर में इस योजना को लेकर संशय था कि क्या फेम-2 (FAME-II) के बाद सब्सिडी का दौर समाप्त हो जाएगा, लेकिन 'PM E-DRIVE' के विस्तार ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार मध्यम वर्ग और युवाओं के लिए ईवी को किफायती बनाना चाहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से पेट्रोल पर निर्भरता कम होगी और शहरों में प्रदूषण के स्तर में गिरावट आएगी।
आर्थिक दृष्टिकोण से देखें तो यह फैसला 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को भी मजबूती प्रदान करता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सब्सिडी का लाभ उन्हीं कंपनियों को मिलेगा जो स्थानीय स्तर पर कलपुर्जों का निर्माण करेंगी। इससे न केवल स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी, बल्कि भारत वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्यात का एक बड़ा केंद्र बनकर उभर सकता है। भारी उद्योग मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के लिए आवंटित बजट का उपयोग चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए भी किया जाएगा, जो वर्तमान में ईवी अपनाने के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर विशेष महत्व रखती है। प्रवासी भारतीय अक्सर भारत में अपने परिवारों के लिए निवेश और परिसंपत्तियों की खरीद में रुचि रखते हैं। भारत में ईवी पारिस्थितिकी तंत्र का मजबूत होना वहां की अर्थव्यवस्था में स्थिरता का संकेत है। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच हाल के वर्षों में 'क्रिटिकल मिनरल्स' यानी महत्वपूर्ण खनिजों, विशेषकर लिथियम को लेकर कई समझौते हुए हैं। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने का सीधा अर्थ है कि ऑस्ट्रेलियाई खनिज उद्योग के लिए भारत एक बड़ा और विश्वसनीय बाजार बना रहेगा।
कुल मिलाकर, PM E-DRIVE योजना का विस्तार भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एक 'गेम-चेंजर' साबित हो सकता है। 2028 तक की लंबी समय सीमा कंपनियों को दीर्घकालिक योजनाएं बनाने और नई तकनीक विकसित करने का पर्याप्त अवसर प्रदान करती है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले दशक में भारत की सड़कों पर चलने वाले वाहनों का एक बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रिक हो, जिससे देश अपने नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ सके।
संबंधित ख़बरें

ब्रेकिंगब्रेकिंग
NoKasa की नई पहल: पुराने कपड़ों से 'सर्कुलर इकोनॉमी' के जरिए कचरे को बिजनेस में बदलने की तैयारी
नोकासा (NoKasa) कपड़े के कचरे को एक नए व्यापारिक अवसर में बदलकर फैशन उद्योग में टिकाऊ बदलाव ला रहा है, जो भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण है।
13 अग॰ 2026, 04:37 pm
ब्रेकिंगब्रेकिंग
1990 के कश्मीरी पंडित दोहरे हत्याकांड में SIA की बड़ी कार्रवाई; जम्मू-कश्मीर में 9 ठिकानों पर छापेमारी
राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने 1990 में एक प्रमुख लेखक और उनके बेटे की हत्या के मामले में जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में सघन छापेमारी की है।
13 अग॰ 2026, 02:37 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
TNPSC ग्रुप 2 और 2A भर्ती: कम रिक्तियों ने बढ़ाई अभ्यर्थियों की चिंता, सरकारी नौकरी की उम्मीदों को लगा झटका
तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (TNPSC) ने ग्रुप 2 और 2A के लिए मात्र 821 रिक्तियों की घोषणा की है, जिससे लाखों उम्मीदवारों में भारी निराशा और आक्रोश है।
13 अग॰ 2026, 01:37 pm

