राजनीति
सऊदी अरब में भीख मांगना पड़ेगा भारी: पाकिस्तान ने अपने नागरिकों को दी सख्त चेतावनी, पासपोर्ट हो सकता है रद्द
ICN24 Newsroom 18 अग॰ 2026, 04:37 am
सऊदी अरब में भीख मांगने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने अपने नागरिकों को सख्त चेतावनी दी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों का पासपोर्ट ब्लॉक किया जा सकता है।
सऊदी अरब में पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा भीख मांगने की बढ़ती शिकायतों के बाद इस्लामाबाद और रियाद स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। पाकिस्तान सरकार ने अपने नागरिकों को 'आखिरी चेतावनी' जारी करते हुए कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति सऊदी अरब में भीख मांगते हुए पाया गया, तो उसका पासपोर्ट स्थायी रूप से ब्लॉक किया जा सकता है। यह कदम उन रिपोर्टों के बाद उठाया गया है जिनमें कहा गया था कि बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिक उमरा (Umrah) और रोजगार वीजा पर सऊदी अरब जाकर वहां संगठित रूप से भीख मांगने की गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।
रियाद में पाकिस्तानी दूतावास द्वारा जारी एक वीडियो संदेश में उमरा यात्रियों और अन्य वीजा धारकों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे सऊदी अरब के कानूनों का पूरी तरह पालन करें। दूतावास ने स्पष्ट किया कि भीख मांगना सऊदी कानून के तहत एक गंभीर दंडनीय अपराध है और इसमें पकड़े जाने पर न केवल जेल की सजा और भारी जुर्माना हो सकता है, बल्कि संबंधित व्यक्ति को हमेशा के लिए सऊदी अरब से डिपोर्ट (देश निकाला) भी किया जा सकता है। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, इन गतिविधियों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि धूमिल हो रही है।
हाल के वर्षों में सऊदी अरब में पाकिस्तानी भिखारियों की बढ़ती संख्या दोनों देशों के बीच कूटनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है। इससे पहले जून 2024 में भी ऐसी खबरें आई थीं कि सऊदी अरब की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने कई पाकिस्तानी नागरिकों को भीख मांगते हुए हिरासत में लिया था। पाकिस्तानी प्रवासी कार्य मंत्रालय के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि खाड़ी देशों, विशेषकर सऊदी अरब में पकड़े जाने वाले भिखारियों में से एक बड़ा प्रतिशत पाकिस्तान से ताल्लुक रखता है। कई मामलों में यह भी पाया गया है कि कुछ लोग 'उमरा वीजा' का इस्तेमाल केवल भीख मांगने के उद्देश्य से रियाद और मक्का जाने के लिए करते हैं।
इस घटनाक्रम का प्रभाव केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे दक्षिण एशियाई समुदाय की साख पर सवाल उठाता है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के नजरिए से देखें तो, यह खबर कड़े वीजा नियमों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रवासी समुदाय के आचरण के महत्व को रेखांकित करती है। जहां भारतीय समुदाय अपनी मेहनत, पेशेवर कौशल और कानून का पालन करने वाली छवि के लिए दुनिया भर में (ऑस्ट्रेलिया सहित) जाना जाता है, वहीं पड़ोसी देश के नागरिकों की ऐसी हरकतें क्षेत्र के अन्य प्रवासियों के लिए भी सुरक्षा जांच और सख्त नियमों का कारण बन सकती हैं।
पाकिस्तान के संघीय जांच ब्यूरो (FIA) को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे लोगों की पहचान करें जो इस तरह के गिरोहों को बढ़ावा दे रहे हैं। सरकार अब पासपोर्ट एक्ट में बदलाव पर भी विचार कर रही है ताकि देश की बदनामी करने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जा सके। सऊदी अरब ने पहले ही पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि यदि इन गतिविधियों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो इसका असर भविष्य में पाकिस्तानी कार्यबल (Workforce) के कोटा और वीजा प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है। फिलहाल, पाकिस्तान सरकार इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने की कोशिश कर रही है ताकि सऊदी अरब के साथ उसके महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों में कोई कड़वाहट न आए।
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