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दिल्ली के जन कल्याण शिविरों में पहले ही दिन उमड़ी भारी भीड़, 15,000 से अधिक नागरिकों ने लिया लाभ

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 01:35 pm
दिल्ली के जन कल्याण शिविरों में पहले ही दिन उमड़ी भारी भीड़, 15,000 से अधिक नागरिकों ने लिया लाभ

दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'जन कल्याण शिविर' के पहले दिन 15,186 लोगों ने 42 विभिन्न केंद्रों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सरकारी सेवाओं का लाभ उठाया।

दिल्ली सरकार द्वारा नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए तीन दिवसीय 'जन कल्याण शिविर' (Jan Kalyan Shivir) के पहले दिन अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार, 18 जून को राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए 42 शिविरों में कुल 15,186 निवासी पहुंचे। यह अभियान दिल्ली प्रशासन की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत नौकरशाही और आम जनता के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। इन शिविरों का प्राथमिक उद्देश्य पेंशन योजनाओं, राशन कार्डों, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आधारभूत सरकारी दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है। पहले दिन आए लोगों में एक बड़ी संख्या उन वरिष्ठ नागरिकों की थी जो अपनी रुकी हुई पेंशन या स्वास्थ्य कार्ड के नवीनीकरण के लिए आवेदन करने आए थे। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से सरकार का लक्ष्य उन लोगों तक पहुँचना है जो डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं या जिन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने में कठिनाई होती है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में बसे कई प्रवासी भारतीयों (NRIs) के बुजुर्ग माता-पिता दिल्ली में रहते हैं। अक्सर विदेशों में बसे बच्चों के लिए भारत में अपने परिजनों के प्रशासनिक कार्यों या पेंशन संबंधी मुद्दों को सुलझाना एक बड़ी चुनौती होती है। इस तरह के एकीकृत शिविरों (One-stop shops) के माध्यम से प्रक्रियाओं का सरलीकरण उन परिवारों के लिए राहत की बात है जिनके सदस्य ऑस्ट्रेलिया में हैं और वे चाहते हैं कि उनके पीछे उनके परिजनों को सरकारी सेवाओं के लिए परेशान न होना पड़े। शिविरों के दौरान न केवल आवेदन स्वीकार किए गए, बल्कि मौके पर ही कई शिकायतों का निवारण भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि राजस्व विभाग, समाज कल्याण विभाग और दिल्ली जल बोर्ड जैसे प्रमुख विभागों के प्रतिनिधि इन 42 स्थानों पर मौजूद रहे ताकि जनता को अलग-अलग दफ्तरों में न भटकना पड़े। जून की तपती गर्मी के बावजूद, लोगों की भारी भागीदारी यह दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर प्रशासनिक सुलभता की कितनी आवश्यकता है। यह तीन दिवसीय अभियान आने वाले दो दिनों तक जारी रहेगा। दिल्ली सरकार ने आश्वासन दिया है कि प्रत्येक शिविर में प्राप्त आवेदनों की निगरानी की जाएगी और एक निश्चित समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। इस पहल को शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने वाले एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। प्रवासी भारतीय भी इन घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखते हैं, क्योंकि वे भारत में अपने पैतृक घरों के सुशासन और सुविधाओं से सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं।
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